राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का बजट पेश करेंगी। यही तय करेगा कि राज्यों को कितनी हिस्सेदारी मिलेगी। वहीं मध्य प्रदेश को आम बजट से बेहद उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि प्रदेश को केंद्र से पौने 2 लाख करोड़ से ज्यादा मिलेंगे।
बता दें कि राज्यों को केंद्रीय करों का 41 प्रतिशत हिस्सा मिलता है। मध्य प्रदेश सरकार ने इसे बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने की मांग रखी है। उपकर को कर संरचना से बाहर रखा जाए तो राज्यों की हिस्सेदारी 48 प्रतिशत तक किए जाने का आग्रह किया है।
वर्तमान में मध्य प्रदेश को कुल संग्रहित केंद्रीय करों में 7.85 प्रतिशत की हिस्सेदारी मिलती है। इससे करीब 1 लाख 11 हजार करोड़ मिलते हैं। एमपी ने 10 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की है।
मांग स्वीकार हुई तो प्रदेश को करीब 1 लाख 22 हजार करोड़ मिलेंगे। केंद्रीय सहायता अनुदान के रूप में 48 हजार 661 करोड़ मिलने का भी अनुमान है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर सबकी नजर टिकी हुई हैं। सिंहस्थ की तैयारी के लिए प्रदेश सरकार ने 20 हजार करोड़ का विशेष पैकेज मांगा है।

