लखनऊ में नगर निगम की ओर से अवैध डेयरियों से जब्त भैंसों की नीलामी के दौरान सपा यूथ ब्रिगेड और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया. सपा विधायक अरमान खान ने नीलामी रोकने की मांग की, जबकि 40 भैंसों के लिए 12 लाख एक हजार रुपये की सबसे अधिक बोली लगी.

लखनऊ. सोमवार को अवैध डेयरियों से जब्त की गई भैंसों की नीलामी के दौरान हंगामा हो गया. नगर निगम ने सुबह 11 बजे से नीलामी की प्रक्रिया शुरू कराई थी, लेकिन दोपहर करीब एक बजे सपा यूथ ब्रिगेड और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस दौरान सीतापुर से आए एक युवक के साथ मारपीट भी की गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया.

बाहर से लोगों के पहुंचने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि नीलामी में लखनऊ के बाहर से लोग पहुंचे हैं. उनका दावा था कि इनमें कई लोग कथित तौर पर कसाई हैं. हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटा दिया.

कुछ देर बाद लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक अरमान खान भी वहां पहुंचे. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरना शुरू कर दिया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाकर बसों के जरिए ईको गार्डन भेज दिया.

नीलामी रोकने की मांग

सपा विधायक अरमान खान ने अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव को पत्र देकर नीलामी रोकने की मांग की. दूसरी ओर, लखनऊ निवासी कारोबारी मोहम्मद शाकिर ने 12 लाख एक हजार रुपये की सबसे अधिक बोली लगाकर ठाकुरगंज कांजी हाउस में रखी 40 भैंसों की नीलामी जीत ली.

242 पशु किए गए थे जब्त

दरअसल, पारा क्षेत्र में कई अवैध डेयरियां संचालित होने की शिकायत के बाद नगर निगम की टीम 16 अगस्त को पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंची थी. इस दौरान स्थानीय लोगों ने एक दरोगा पर हमला कर दिया था.

इसके बाद 17 और 18 अगस्त को अभियान चलाकर अवैध डेयरियों से 241 भैंस, एक भैंसा और एक पड़िया जब्त की गई थी. नगर निगम ने सभी पशुओं को कांजी हाउस में रखा है.

21 हजार रुपये बेस प्राइस

नगर निगम ने नीलामी के लिए एक भैंस की बेस प्राइस 21 हजार रुपये निर्धारित की थी. नीलामी में शामिल होने वाले लोगों से 1 लाख 2 हजार रुपये की राशि जमा कराई गई थी.