० मुख्यमंत्री नायब सैनी के निर्देश पर एक सप्ताह में ढहाए जाएंगे कंडम भवन, नए स्कूलों के निर्माण की तैयारी शुरू

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों की सुरक्षा को लेकर बड़ा और अहम फैसला लिया है। प्रदेश के 135 सरकारी स्कूल भवनों को जर्जर और असुरक्षित घोषित करते हुए उन्हें जल्द ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया है। इनकी जगह आधुनिक सुविधाओं से लैस नए भवन तैयार किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में पुराने स्कूल भवनों का विस्तृत सर्वे कराया था। सर्वे में कई इमारतें ऐसी मिलीं, जो अपनी निर्धारित आयु पूरी कर चुकी हैं और अब बच्चों के लिए खतरा बन गई हैं। सरकार ने ऐसे सभी भवनों को तत्काल हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

शिक्षा विभाग में इंजीनियरिंग विंग का गठन

नई स्कूल इमारतों के निर्माण में तेजी लाने के लिए शिक्षा विभाग में अलग इंजीनियरिंग विंग का गठन किया गया है। विभाग का लक्ष्य है कि पुराने और जर्जर भवनों की जगह सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं वाले स्कूल विकसित किए जाएं।

इधर, शिक्षा निदेशक जितेंद्र दहिया ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 19 जुलाई तक सभी असुरक्षित भवनों से संबंधित कार्रवाई पूरी कर ली जाए, जबकि एक सप्ताह के भीतर कंडम घोषित कमरों को ध्वस्त कर दिया जाए।


31 जुलाई को पूरे प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी समीक्षा
बैठक में डिजिटल सुविधाओं को लेकर भी सख्ती दिखाई गई। कई स्कूलों द्वारा स्मार्ट टीवी, डिजिटल बोर्ड, इंटरनेट, टैबलेट और कंप्यूटर की गलत जानकारी देने पर शिक्षा निदेशक ने नाराजगी जताई। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि शनिवार तक डिजिटल संसाधनों की वास्तविक स्थिति अपडेट करें। 31 जुलाई को पूरे प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की विशेष समीक्षा की जाएगी।

इसके साथ ही मानसून के दौरान जलभराव से प्रभावित स्कूलों की रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने, अनुपयोगी फर्नीचर और कबाड़ सामग्री को हटाने तथा विद्यालय परिसरों को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। सरकार का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।