बाराबंकी में पारिवारिक विवाद के बाद तनाव में आए 20 वर्षीय युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या की बात कहते हुए वीडियो पोस्ट किया। मेटा के अलर्ट के बाद पुलिस महज सात मिनट में नहर किनारे बैठे युवक तक पहुंची और उसे सुरक्षित घर ले गई।
बाराबंकी। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के बाद बाराबंकी पुलिस ने महज सात मिनट में एक युवक तक पहुंचकर उसकी जान बचा ली। पारिवारिक विवाद के बाद तनाव में आए 20 वर्षीय युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या करने की बात कहते हुए वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वह नहर के किनारे बैठा नजर आया।
मेटा की ओर से उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर को अलर्ट मिलने के बाद पुलिस ने युवक की लोकेशन ट्रेस कर स्थानीय पुलिस को भेज दी।
सात मिनट में पहुंची पुलिस
मामला मसौली थाना क्षेत्र का है। रविवार शाम करीब 6:23 बजे मेटा की ओर से पुलिस महानिदेशक कार्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को युवक के इंस्टाग्राम पोस्ट के संबंध में अलर्ट मिला।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। मुख्यालय ने उपलब्ध मोबाइल नंबर के आधार पर युवक की लोकेशन पता की और बाराबंकी पुलिस को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलते ही मसौली थाने के उपनिरीक्षक राशिद, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र यादव और कांस्टेबल दीप सिंह मौके के लिए रवाना हुए। पुलिस टीम सिर्फ सात मिनट में युवक तक पहुंच गई।
नहर किनारे रो रहा था युवक
पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो युवक नहर के किनारे बैठा रो रहा था। वह काफी तनाव और अवसाद में नजर आ रहा था।
पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उसे नहर के किनारे से हटाया और बातचीत कर समझाया। इसके बाद उसे सुरक्षित उसके घर ले जाया गया।
पुलिस ने परिजनों को युवक के इंस्टाग्राम पोस्ट की जानकारी दी और उसकी काउंसलिंग की। सामान्य स्थिति में आने के बाद युवक ने बताया कि वह मजदूरी करता है और परिवार में विवाद होने के बाद मानसिक तनाव में चला गया था।
इसी तनाव में उसके मन में आत्महत्या के विचार आए और उसने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर दिया। काउंसलिंग के बाद युवक ने पुलिस को भरोसा दिया कि वह भविष्य में ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा।
युवक के परिजनों ने पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए पुलिसकर्मियों का आभार जताया।
पोस्ट पर मिलता है अलर्ट
उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा के बीच वर्ष 2022 से चल रही व्यवस्था के तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट सामने आने पर मेटा की ओर से पुलिस को अलर्ट भेजा जाता है। इसमें उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस संबंधित व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश करती है।
पुलिस के मुताबिक, 1 जनवरी 2023 से 31 जुलाई 2026 तक आत्महत्या से संबंधित पोस्ट पर मिले अलर्ट के आधार पर 3,562 लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस को आत्महत्या संबंधी पोस्ट पर त्वरित कार्रवाई की इस व्यवस्था के लिए SKOCH Award-2025 और The Economic Times GovTech Awards-2026 से भी सम्मानित किया जा चुका है।


