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कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। हाईकोर्ट की कार्यवाही के वीडियो से छेड़छाड़ कर YouTube पर चलाने के कारण 6 यू-ट्यूब चैनल समेत कई सोशल मीडिया चैनल्स के संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश हाइकोर्ट के ग्वालियर खंडपीठ के सीनियर एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर की शिकायत पर विश्वविधालय थाना पुलिस ने FIR दर्ज किया है। बिना अनुमति हाईकोर्ट के नियमों की अवहेलना के कारण सभी के खिलाफ धारा 188, 465, 469,65 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। हाइकोर्ट की अनुमति के बिना प्रोसिडिंग को डाउनलोड करने और उसमें कांट-छांट कर प्रसारित करने पर FIR किए जाने का संभवतः यह देश में पहला मामला है।

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इन दिनों सोशल मीडिया पर हाईकोर्ट की लाईव प्रोसिडिंग के साथ छेड़छाड़ कर कई यूट्यूब चैनल,सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उससे खूब नाम कमा रहे हैं। इस दौरान बिना अनुमाति के उन वीडियो पर कई अव्यवहारिक कमेंट भी डाले जा रहे हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की लाइव प्रोसिडिंग को इस तरह प्रसारित करने के मामले में ग्वालियर में बड़ा एक्शन हुआ है। जहां मध्यप्रदेश हाइकोर्ट के ग्वालियर खंडपीठ (Gwalior Bench of Madhya Pradesh High Court) के सीनियर एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर की शिकायत पर विश्वविधालय थाना पुलिस ने एक्शन लिया है, 6 यूट्यूब चैनलों के अलावा अन्य सभी अज्ञात सोशल मीडिया चैनल्स के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। ये लोग बिना अनुमति हाईकोर्ट के नियमों की अवहेलना कर रहे थे। पुलिस ने यट्यूब चैनलों पर धारा 188, 465, 469,65 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

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दरअसल ग्वालियर मुरार के रहने वाले एडवोकेट अवधेश सिंह ने थाना विश्वविधालय पुलिस को आवेदन दिया था. जिसमें कहा गया गया था कि फेसबुक, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के अलग अलग यट्यूब चैनलों पर माननीय हाईकोर्ट के समक्ष जिन मामलों की लाइव प्रोसिडिंग होती है। उसे हाईकोर्ट की वेबसाइट से से हाईकोर्ट की अनुमति के बिना डाउन लोड कर तोड़-मरोड़ कर य-ट्यूब चैनल संचालक प्रसारित कर रहे हैं। वह अपने स्वंय के यूट्यूब चैनलों और अन्य एकाउंट बनाकर उन वीडियो में अपमानजनित शब्दों को लिख रहै हैं। इसके चलते हो रही वीडियो प्रसारित सीधे विधि विभाग और अन्य विभागों की छवि को धूमिल कर रहे हैं। यह माननीय मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर के लाईव प्रोसिंडिंग के संबंध में जारी रूल्स का उल्लंघन है।

लाइव प्रोसीडिंग को तोड़-मरोड़ कर प्रसारित किया था

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही हाई कोर्ट ग्वालियर के रजिस्ट्रार के पास अधिवक्ताओं ने हाई कोर्ट लाइव प्रोसीडिंग के नियम विरुद्ध प्रसारण को लेकर अवगत कराया था। उसमें बताया गया था कि इस तरह प्रसारित हो रही वीडियो के जरिए दुष्कर्म पीड़ित महिलाओं, पति पत्नी के अलावा अन्य ऐसे लोगों की पहचान सार्वजनिक हो रही थी। यह नियम के अनुसार नहीं है। यही कारण रहा कि इस मामले में हाईकोर्ट के अधिवक्ता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए अपनी आगे की जांच शुरू कर दी है। संभवतः यह देश का पहला ऐसा मामला है, जहां हाईकोर्ट की लाइव प्रोसीडिंग को तोड़-मरोड़ कर प्रसारित करने वाले युटुब चैनल्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई की गई है।

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इन चैनलों के खिलाफ FIR हुआ दर्ज

ग्वालियर एसएसपी अमित सांघी (Gwalior SSP Amit Sanghi) के अनुसार पुलिस ने आवेदन की जांचकर फिलहाल Indian Law, Be a Judge, Law Chakra, Legal Awarness, Court Room, Vipin Agyas Advocate नाम वाले यूट्यूब चैनलों के संचालकों के अलावा अज्ञात चैनल्स के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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