शब्बीर अहमद, भोपाल। राजधानी भोपाल में बहुचर्चित फर्जी आईएएस (IAS) तृप्ति सिंह के ठगी और फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। जांच के बाद पुलिस ने अयोध्या नगर थाने के टीआई के भाई रोहित लिल्हारे को भी इस मामले में आरोपी बना लिया है और उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

पूरा मामला और कैसे खुला राज?

पुलिस की गहराई से चल रही जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर यह खुलासा हुआ है कि फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह के कहने पर ही रोहित लिल्हारे ने एक युवती से फोन पर बात की थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि युवतियों से फोन पर बात कराने के बाद, तृप्ति सिंह ने रोहित लिल्हारे को भोपाल की विधानसभा से उन दोनों युवतियों के साथ कुछ वीडियो भी भेजे थे। तृप्ति ने रोहित से कहा था कि जिस युवती से उसने फोन पर बात की थी, उसकी नौकरी लग गई है। इस तरह नौकरी के नाम पर बड़े स्तर पर जालसाजी का खेल चल रहा था।

लाखों रुपयों का लेन-देन

शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी रोहित ने फर्जी आईएएस तृप्ति को 40 लाख रुपए दिए थे। यह पूरी बातचीत और लेन-देन वर्ष 2024 से 2025 के बीच का बताया जा रहा है।

अब तक कुल 5 आरोपी नामजद

फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह के इस अंतरराज्यीय या हाई-प्रोफाइल फर्जीवाड़े के नेटवर्क में पुलिस लगातार पर्दाफाश कर रही है। रोहित लिल्हारे का नाम जुड़ने के बाद इस मामले में अब तक कुल 5 आरोपियों को नामजद किया जा चुका है। पुलिस सीडीआर और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस बात की भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

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