सत्या राजपूत, रायपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार को विकासखंड छुईखदान के साल्हेवारा स्थित बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर में नियमों के विरुद्ध सोनोग्राफी केंद्र संचालित किए जाने के मामले में कार्रवाई करते हुए सोनोग्राफी सेंटर को सीलबंद किया।

बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर, साल्हेवारा के संबंध में पूर्व में प्राप्त शिकायत के आधार पर पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल एवं उनकी टीम द्वारा केंद्र का निरीक्षण एवं जांच की गई थी। जांच के दौरान सोनोग्राफी केंद्र के संचालन में निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के पालन में कई कमियां पाई गई थी। इस पर केंद्र संचालक को नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए थे।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संबंधित सोनोग्राफी केंद्र में कोई अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं था। इसके अतिरिक्त पीसीपीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत निर्धारित प्रारूपों को नियमानुसार नहीं भरा जा रहा था। सोनोग्राफी रिपोर्टिंग से संबंधित दस्तावेजों की जांच में ऐसे रिपोर्टिंग फॉर्मेट भी पाए गए, जिनमें किसी अन्य रेडियोलॉजिस्ट के डिजिटल हस्ताक्षर पहले से अंकित थे। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

केंद्र संचालक द्वारा नोटिस के संबंध में प्रस्तुत जवाब को जिला सलाहकार समिति की बैठक में विचारार्थ रखा गया। बैठक में जांच प्रतिवेदन, पाई गई अनियमितताओं एवं संचालक द्वारा प्रस्तुत जवाब पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इसके पश्चात समिति द्वारा सर्वसम्मति से संबंधित सोनोग्राफी केंद्र को सीलबंद किए जाने का निर्णय लिया गया।

समिति के निर्णय के आधार पर कलेक्टर सह समुचित प्राधिकारी, पीसीपीएनडीटी, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई द्वारा उच्चस्तरीय संयुक्त जांच एवं कार्रवाई दल गठित कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर के निर्देशों के परिपालन में 14 अक्टूबर 2026 को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम साल्हेवारा स्थित बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची। टीम द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत सोनोग्राफी केंद्र को सीलबंद करने की कार्रवाई की गई।

इस कार्रवाई में डिप्टी कलेक्टर पूजा पिंचा, पीसीपीएनडीटी के अधिकृत समुचित प्राधिकारी डॉ. मनीष बघेल, डॉ. बोधन सिंह, डॉ. पंकज वैष्णव, डॉ. विवेक बिसेन एवं संबंधित लिपिक अर्पित गुप्ता उपस्थित रहे। जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित नियमों एवं कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी जा रही है। सोनोग्राफी केंद्रों का संचालन पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप किया जाना अनिवार्य है। निर्धारित मानकों एवं नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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