CG News : आशुतोष तिवारी, जगदलपुर. बस्तर में पहले बाढ़ और चक्रवाती तूफान ने किसानों की मुश्किलें बढ़ाईं, अब सरकारी खाद वितरण में कथित गड़बड़ी को लेकर किसान परेशान हैं. मामला बकावंड ब्लॉक के कचनार लैम्स का है, जहां किसानों ने प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है.
किसानों का आरोप है कि उन्हें खाद के लिए लैम्स के चक्कर कटवाए गए, लेकिन उनके नाम पर खाद जारी कर बाहर ऊंचे दामों में बेच दिया गया. इतना ही नहीं, एक किसान के फर्जी हस्ताक्षर कर उसके खाते में 11 हजार 359 रुपये का कर्ज भी चढ़ा दिया गया. मामला सामने आने के बाद राशि तो किसान के खाते में वापस जमा कर दी गई, लेकिन अब किसान सिर्फ पैसे की वापसी नहीं, बल्कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई और लैम्स प्रबंधक को हटाने की मांग कर रहे हैं.
किसान कई महीनों तक सरकारी खाद लेने के लिए कचनार लैम्स के चक्कर लगाते रहे, लेकिन हर बार खाद का स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया गया. खेती का समय निकलता देख उन्होंने मजबूरी में बाजार से महंगे दामों पर यूरिया, डीएपी और पोटाश खरीदा. लेकिन जब उन्होंने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो पता चला कि उनके नाम पर लैम्स से 11 हजार 359 रुपये का खाद खरीदना दर्ज है. यहां तक कि सरकारी रसीद पर उनके फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए थे. किसान ने इसे उनके हक के खाद की कथित कालाबाजारी बताते हुए बस्तर थाने में शिकायत दर्ज कराई है और एफआईआर की मांग की है.

मामला सामने आने के बाद लैम्स प्रबंधन ने आनन-फानन में किसान के लोन खाते में 11 हजार 359 रुपये वापस जमा करा दिए. लेकिन किसानों का कहना है कि यह समस्या सिर्फ एक किसान तक सीमित नहीं है. कचनार और आसपास के कई किसानों ने इसी तरह की गड़बड़ियों की शिकायत की है. कुछ किसानों को खाद खरीदने के महीनों बाद भी उसकी पावती नहीं मिली है, तो कुछ किसानों ने पिछले साल धान बेचने के बाद भी भुगतान नहीं मिलने का आरोप लगाया है.
किसानों ने पिछले धान खरीदी सीजन में भी लैम्स प्रबंधक ललिता राव पर आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी. उनका कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसी नाराजगी के चलते अब किसान एकजुट होकर प्रबंधक को हटाने और पूरे मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लैम्स प्रबंधक ललिता राव को नहीं हटाया गया और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो इस साल कचनार धान खरीदी केंद्र में अपना धान नहीं बेचेंगे. वहीं पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने भी लैम्स के उच्च अधिकारियों, विधायक और बस्तर कलेक्टर से लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग करने की बात कही है. इधर इस पूरे मामले में लैम्स प्रबंधक का पक्ष जानने के लिए कई बार फोन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. अब देखना होगा कि किसानों की इन शिकायतों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है.
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