पड़ताल: राजधानी में मौत का ‘तांडव’, अस्पतालों में बेड फुल, शव जलाने जगह नहीं, हालात बद से बदतर

कोरोना के 'जिन्न' को चिराग में कैद करने की जरूरत.

चीन से निकला कोरोना का ‘जिन्न’ भारत में तबाही मचा रहा है. कोरोना के बढ़ते केस के साथ मौत का ‘तांडव’ भी जारी है. यह सिलसिला साल दर साल बढ़ रहा है. कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा घातक है. जिस कारण हालात बद से बदतर हो गई है. देश में महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर छत्तीसगढ़ है. राजधानी की स्थिति बेकाबू हो गई है. मानो कोरोना का ‘जिन्न खून का प्यासा’ हो. रायपुर में कोरोना से मौतों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है. जल्द ही राजधानी की सड़कें विरान होने वाली है. लोग घरों में कैद हो जाएंगे. लेकिन यहां की हालातों का जमीनी स्तर पर पड़ताल किया गया है. यह पड़ताल लल्लूराम डॉट कॉम की टीम ने किया है. पड़ताल में जो तस्वीरें निकलकर सामने आईं हैं, वो बेहद चौंकाने वाली हैं.

हेमंत शर्मा/सत्यपाल सिंह,रायपुर। राजधानी में मंगलवार को 2 हजार 821 नए कोरोना केस के साथ 26 लोगों ने जान गंवाई है. अब हालात ये हैं कि शवों के जलाने के लिए मुक्तिधाम में जगह कम पड़ गए हैं. जिले के सभी कोविड अस्पताल के बेड फुल हो गए हैं. ऐसे में लोग प्राइवेट का सहारा ले रहे. निजी अस्पताल में बेड जरूर मिल रहा है, लेकिन अच्छी खासी मोटी रकम चुकानी पड़ रही है.

<
Close Button

राजधानी में रोंगटे खड़े करने वाले दिखे दृश्य

लल्लूराम डॉट कॉम की टीम ने कई मुक्तिधामों और कोविड अस्पतालों का जायजा लिया. जब हम देवेंद्र मुक्तिधाम पहुंचे, तो वहां कोरोना से मरने वाले लोगों के शवों को जलाया जा रहा था. मुक्तिधाम के अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था. एक साथ जल रहे कई शवों को देखकर एक पल के लिए सिहर उठे. हिम्मत बांधकर आगे की ओर बढ़े और कैमरे में एक-एक तस्वीर को कैद किया.

दो गज की जमीन नसीब नहीं!

देवेंद्र नगर स्थित मुक्तिधाम की हालात काफी भयावह थी. हमने देखा कि शव जलाने के लिए जो शेड बनाए गए थे, वो भर चुके थे. शेड के भर जाने की वजह से सीढ़ियों के पास ही शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था. इस तरह मरने के बाद लोगों को दो गज की जमीन नसीब नहीं हो रही है. चूकिं शवों को कोरोना गाइडलाइन के तहत जलाना है, इसलिए दूसरे स्थानों पर जलाने पर मनाही है.

इसे भी पढ़ें- रायपुर में लॉकडाउन का आदेश जारी, शराब दुकान, सब्जी और किराना दुकानें भी रहेंगी बंद 

रोजाना आते हैं 4 से 5 शव

केयर टेकर बलराम सोनवानी बताते हैं कि देवेंद्र मुक्तिधाम में रोजाना 4 से 5 के शव आ रहे हैं. समस्याओं को देखते हुए आज शव जला रहे हैं, तो कल उसे उठाने के लिए सामने वाले व्यक्ति से निवेदन करना पड़ता है. जिससे अन्य शवों को जलाया जा सके. क्योंकि मुक्तिधाम में जगह की कमी है. इसलिए रोड पर शव को जलाना पड़ रहा है.

जोन कमिश्नर भी नहीं दे रहे ध्यान

इसके बाद हमारी टीम महादेव घाट स्थित मुक्तिधाम पहुंची. यहां स्थिति ज्यादा खराब दिखी. जगह के अभाव में शेड के बाजू में रोड पर ही शव को जलाया जा रहा था. केयर टेकर धनीराम मेश्राम से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 6 से 7 शव आ रहे हैं. कभी-कभी संख्या इससे और ज्यादा बढ़ जाती है. जगह की कमी है, इसलिए नीचे शव जलाना पड़ रहा है. हमने एक दो बार जोन कमिश्नर से निवेदन भी किया है. लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है. मुक्तिधाम में व्यवस्था ढंग से नहीं है.

इसे भी पढ़ें- रायपुर में 10 दिन के लिए लगा पूर्ण लॉकडाउन, जिले की सीमाएं रहेंगी सील 

कैसी है बेड की व्यवस्था ?

राजधानी प्रदेश का हॉटस्पॉट बना हुआ है. रायपुर में कोरोना से जंग लड़ने व्यवस्था काफी लचर है. सक्रिय मरीजों की तुलना में एक तिहाई बेड नहीं है. आईसीयू में भी मरीज भटकने को मजबूर हैं. रायपुर जिले में पांच कोविड अस्पताल हैं, जहां 924 बेड हैं. जिसमें जनरल बेड 530, ऑक्सीजन सपोर्ट बेड 370 है. वहीं अभी रायपुर में 13 हजार 107 एक्टिव केस हैं.

राजधानी के सभी कोविड अस्पतालों में बेड फुल

रायपुर में माना कोविड हॉस्पिटल, लालपुर कोविड हॉस्पिटल, आयुर्वेदिक कोविड हॉस्पिटल, फुंडहर कोविड सेंटर, धरसीवा एवं तिल्दा कोविड हॉस्पिटल है. ये सभी अस्पताल फुल हैं. अब हालात ये हो गए हैं कि इलाज नहीं मिलने से मरीजों की मौत हो रही है. इस बात को नाकारा नहीं जा सकता है. गंभीर स्थिति होने के बावजूद अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा है. ऐसी स्थिति निजी अस्पताल में अच्छी खासी रकम देकर इलाज कराना पड़ता है या फिर मौत का इंतजार रहता है.

‘जिन्न’ को चिराग में करना होगा कैद

अब चीन के चिराग से निकले ‘जिन्न’ को फिर से कैद करना होगा. कोरोना गाइडलाइन के नियमों का पालन करना होगा. मास्क और दो गज की दूरी बेहद जरूरी हो गया है. इसके साथ ही अपनी इम्युनिटी को मजबूत करने पर जोर दें. जिससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी. आप चुस्त और दुरुस्त रहेंगे. तब आप कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से बच सकेंगे. तभी कोरोना पर काबू पाया जा सकेगा.

राजधानी में 10 दिन के लिए लॉकडाउन

बता दें कि कोरोना के बढ़ते स्थिति को देखते हुए रायपुर में 10 दिन के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगा दिया गया है. 9 अप्रैल शाम 6 बजे से 19 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक रायपुर टोटल लॉकडाउन रहेगा. जिले की सभी सीमाएं सील रहेंगी. इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाकी सब कुछ बंद रहेगा.

read more- Coronavirus Effect: Maharashtra Migrant Workers Heads home Amid Fears of Another Lockdown

स्पोर्ट्स की ये खबरें जरूर पढ़ें

मनोरंजन की ये खबरें जरूर पढ़ें

Related Articles

Back to top button
 
धन्यवाद, लल्लूराम डॉट कॉम के साथ सोशल मीडिया में भी जुड़ें। फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो करें एवं हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।