आदिवासियों का भड़का आक्रोश: हजारों की तादाद में 13 सूत्रीय मांगों को लेकर खोला मोर्चा, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

शिवम मिश्रा, रायपुर। छत्तीसगढ़ एससी-एसटी, ओबीसी, सामाजिक और कर्मचारी संगठन के आदिवासियों ने आज अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया. इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से करीब हजारों की आदिवासी रायपुर पहुंचे हुए थे. रैली की शक्ल में उन्होंने विधानसभा घेराव करने का फैसला किया, लेकिन आदिवासियों की रैली को पुलिस ने सप्रे मैदान के पास ताबड़तोड़ बैरिकेटिंग कर रोक दिया.

आंदोलनकारी आदिवासियों ने सड़क पर ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. आदिवासी और पुलिस बल से काफी देर तक झूमाझटकी भी की. हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचकर आदिवासियों को समझाइश दी गई, जिसके बाद सरकार ने नाम ज्ञापन सौंपकर आदिवासियों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया.

आक्रोशित आदिवासियों ने सरकार को अपनी 13 सूत्रीय मांगों पर फैसला लेने के लिए 15 दिनों की मोहलत दी है. आदिवासियों ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांग नही मानती है, तो आने वाले समय पर उग्र आंदोलन किया जाएगा. जिसका खामियाजा सरकार को आने वाले विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है.

आर.एन ध्रुव ने बताया कि पदोन्नति में आरक्षण राज्य सरकार नियम विरुद्ध लाखों की तादाद में छत्तीसगढ़ में पदोन्नति कर दी है. आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति वर्ग के जितने भी हमारी पदोन्नति होना था, उनको किनारे कर दिया. इसके कारण हमारे लाखों की तादाद में जो रायपुर से बाबू से बड़े बाबू बनना चाहते थे. शिक्षक के बड़े शिक्षक बनना चाहते थे. सब वंचित हो गए हैं.

लाखों की तादाद में इसका परिणाम यह होगा कि आदिवासी समाज का जो व्यक्ति यदि बाबू में भर्ती हुआ है, तो बाबू में ही रिटायर होगा. मतलब हमारे समाज के युवा वर्ग जो नौकरी में आते वह उनके नौकरी लगने ही नहीं है. इसके ठीक विपरीत सामान्य वर्ग में लाखों की तादाद में पदोन्नति होने से वह पद खाली हो गया है. वहां पर सामान्य वर्ग के लोग भर्ती हो जाएंगे.

राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद स्कूल इंग्लिश 36 इंग्लिश स्कूल छत्तीसगढ़ में खोल रखी है. 12000 पदों पर भर्तियां कर रही हैं. हमारा मानना है कि उसने भी हम को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए. मुख्यमंत्री कहते हैं हमें स्कूलों में क्वालिटी क्वालिटी देने जा रहे हैं. हमारा मानना है बस्तर में रहने वाला सुकमा में रहने वाला दंतेवाड़ा में रहने वाला जो मजहब इनके जो वनोपज संक्रमण करके पढ़ाई लिखाई कर रहे हैं. सात वचन लाता है वहां के स्थानीय भोजपुरी भाषा जानता है. उसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए.

  • प्रदेशभर के डेढ़ सौ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में लगभग 12,000 पदों की भर्ती की जाए..
  • भोले-भाले आदिवासियों पर सरकार जुल्म करना बंद करें
  • छत्तीसगढ़ में पेशा कानून के नियम को कड़ाई से लागू किया जाए
  • छत्तीसगढ़ में 2001 से 2020 के बीच रिक लगभग 30,000 बैकलॉग पदों की पूर्ति के लिए विशेष अभियान चलाया जाए
  • लोक सेवा आयोग की सभी भर्ती में साक्षात्कार को समाप्त किया जाए

 

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