रायगढ़. लॉकडाउन के बीच रायगढ़ पुलिस ने कमाल किया है. कमाल ये कि 121 गुम/चोरी हुए मोबाइल फोन पुलिस ने खोज निकाले है और इसमें से 5 मोबाइल रायगढ़ एसपी संतोष सिंह ने फोन मालिकों को सौंपे है. संभवतः छत्तीसगढ़ में ये पहली इतनी बड़ी कार्रवाई है जिसमें पुलिस ने इतने संख्या में फोन बरामद किए हो.

लॉकडाउन के बीच रायगढ़ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के कुशल नेतृत्व में थानों के लंबित अपराधों की विवेचना, शिकायत, गुम इंसानों की जांच की गति धीमी नहीं पड़ी बल्कि लंबित जांच, विवेचना के साथ सभी थानाक्षेत्र अन्तर्गत लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराया गया और इस दौरान कोविड प्रोटोकाल के उल्लंघन करने वालों पर जमकर कार्रवाई की गई है. वहीं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर सायबर सेल की टीम द्वारा ढाई माह में 121 गुम/चोरी मोबाइल को ट्रेश कर इन मोबाइलों को राज्य व दिगर राज्य के कई जिलों से कोरियर के माध्यम से मांगये गये हैं. अन्य कई प्रदेशों में लॉकडाउन प्रभावी होने के कारण दर्जनों मोबाईल कोरियर में लटके हुये हैं, जिनके भी शीघ्र प्राप्त होने की सम्भावना है. रिकव्हर किये गये 121 हैंडसेट की कुल कीमत करीब 16,80,500 रूपये है.

सायबर सेल में उपलब्ध रिकार्ड अनुसार पिछले साल 382 मोबाइल एवं विगत ढाई महीने में 121 मोबाइल 503 कुल गुम/चोरी हुए मोबाइल का वितरण केवल एसपी संतोष सिंह द्वारा किया गया है, जिनकी अनुमानित कीमत 67 लाख रूपये है.

इन राज्यों से पुलिस को मिले मोबाइल

सायबर सेल प्रभारी द्वारा रायगढ़ जिले से गुम हुये मोबाइलों को ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के कई जिलों तथा राज्य के बिलासपुर, जांजगीर-चाम्पा, रायपुर, बलौदाबाजार, जशपुर, महासमुंद, अम्बिकापुर क्षेत्र से मंगाये गये हैं , जबकि दर्जनों मोबाइल उपयोगकर्ताओं को सायबर सेल में लाकर जमा करने की हिदायत देने पर सायबर सेल में लाकर जमा किया गया है.

पुलिस अधीक्षक द्वारा सायबर सेल प्रभारी को मोबाइल चोरी के संबंध में दिये गये आवेदनों पत्रों पर संबंधित थाने में आवेदन पर से चोरी का अपराध पंजीबद्ध कराने के निर्देश दिया गया है. साथ ही उनके द्वारा आमलोगों को गुम मोबाइल के मिलने पर नजदीकी थाने या सायबर सेल में जाकर जमा करने को कहा गया है, क्योंकि किसी अन्य के मोबाइल का उपयोग करना गैरकानूनी है. वे बताए कि सायबर सेल से मोबाईल के गुम/चोरी के आवेदन पर उन्हें ट्रेश कर उपयोगकर्ता से संपर्क कर मोबाइल लौटाने कहा जाता है, इसके बाद भी यदि उपयोगकर्ता मोबाईल वापय नहीं करता तो उस पर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी.

इन्होंने निभाई अहम भूमिका

 

 

पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह द्वारा सायबर सेल को अधिक से अधिक गुम/चोरी मोबाईलों की खोज करने के दिये गये टास्क पर सायबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, आरक्षक बृज लाल गुर्जर, धनंजय कश्यप, प्रशांत पंडा एवं महिला आरक्षक मेनका चौहान द्वारा लगातार उपयोगकर्ताओं से सम्पर्क कर पिछले ढाई माह में 121 मोबाइल रिकव्हर किया गया है. ‍रिकव्हर मोबाईल के वितरण के लिये कोविड नियमों को ध्यान में रखते हुये सभी मोबाइल स्वामियों को कार्यालय नहीं बुलाया गया, केवल पांच व्यक्तियों को ही कार्यालय बुलाया गया, जिन्हें पुलिस अधीक्षक  द्वारा उनका मोबाइल सुपुर्द किया गया. शेष मोबाईल स्वामियों को सायबर सेल आकर मोबाईल ले जाने सायबर सेल स्टाफ द्वारा सूचित किया जा रहा है. मोबाइल वितरण दौरान एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा तथा सायबर सेल स्टाफ मौजूद थे.