चंडीगढ़ में अब राशन वितरण व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया गया है। उपभोक्ताओं को अब राशन डिपो के बजाय मोबाइल कूपन के जरिए करियाना दुकानों से सीधा राशन मिलेगा।
पंचकूला। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक और डिजिटल बना दिया गया है। केंद्र सरकार की इस नई और खास योजना के तहत अब अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के लाभार्थियों और गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को राशन डिपो के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव आईएएस अधिकारी मोहम्मद मंसूर के अनुसार अब भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली खाद्यान्न सब्सिडी सीधे ‘PNB Digital Rupee’ मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से डिजिटल कूपन के रूप में दी जाएगी। इस नई तकनीक के लागू होने से अब लाभार्थियों को बायोमेट्रिक सत्यापन की समस्याओं से पूरी तरह से मुक्ति मिल जाएगी।
राशन के लिए मोबाइल कूपन जरूरी
इस नई डिजिटल व्यवस्था के तहत लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर विभाग द्वारा हर महीने एक डिजिटल कूपन भेजा जाएगा। इस कूपन या क्यूआर कोड को दिखाकर राशन कार्ड धारक सरकार द्वारा चिन्हित की गई किसी भी नजदीकी करियाना दुकान से सीधे आटा और चावल ले सकेंगे। चंडीगढ़ में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए लगभग 500 से अधिक करियाना दुकानों को पंजीकृत किया जा चुका है। खास बात यह है कि इस डिजिटल करेंसी या कूपन का इस्तेमाल राशन के अलावा किसी अन्य सामग्री को खरीदने के लिए बिल्कुल नहीं किया जा सकेगा।
75 हजार परिवारों को फायदा
गुजरात के बाद चंडीगढ़ देश का ऐसा दूसरा शहर बन गया है जहां सीबीडीसी आधारित डिजिटल फूड कूपन सिस्टम का यह ट्रायल शुरू हुआ है। इस पारदर्शी और लीकेज-फ्री व्यवस्था से चंडीगढ़ के करीब 75 हजार जरूरतमंद परिवारों के 3 लाख से अधिक सदस्यों को सीधा लाभ मिलेगा। यह डिजिटल कूपन सीधे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के माध्यम से काम करता है, जिसमें दुकानदार द्वारा कूपन स्कैन करते ही निर्धारित राशि सीधे उसके बैंक खाते में जमा हो जाती है। इसके सुचारू संचालन के लिए लाभार्थियों के पास स्मार्टफोन होना जरूरी है।
ऐप डाउनलोड न करने पर रोक
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि जुलाई माह से खाद्यान्न सब्सिडी केवल पीएनबी डिजिटल रुपी ऐप के माध्यम से ही मिलेगी और अब यह राशि सीधे आधार लिंक बैंक खातों में नहीं भेजी जाएगी। शहर के करीब 45 हजार से अधिक लोग इस ऐप को डाउनलोड कर चुके हैं, जबकि करीब 30 हजार लाभार्थियों ने अभी तक इसे सक्रिय नहीं किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि जो लाभार्थी आगामी शुक्रवार 3 जुलाई तक नजदीकी शिविर या घर बैठे इस ऐप को डाउनलोड कर पंजीकरण पूरा नहीं करेंगे, उनकी सब्सिडी बंद की जा सकती है।

