चंडीगढ़। मुख्यमंत्री सेहत योजना के पंजीकरण का काम शुरू हो गया है। राज्य में तीन करोड़ लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इसमें पंजीकरण करवाने के लिए परिवार के कम से कम दो सदस्यों एक साथ जाना पड़ेगा। बाद में बाकी सदस्य अपना नाम जुड़वा सकते हैं। पंजीकरण से पहले अप्वाइंटमेंट पर्ची का होना अनिवार्य है। इसके लिए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के साथ अनुबंध किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। तो आइए जानें इन सवालों का जवाब…
पंजाब का कोई भी निवासी और उसके परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र होंगे। योजना में पंजीकरण के लिए आधार कार्ड और निवास प्रमाण के रूप में वोटर आइडी कार्ड होना चाहिए। 18 वर्ष से कम आयु के लाभार्थियों के लिए स्वयं का आधार कार्ड तथा माता-पिता में से किसी एक का वोटर आइडी कार्ड या अभिभावक का वोटर आइडी कार्ड पर्याप्त होगा। केंद्र और राज्य प्रायोजित आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को इस योजना में अतिरिक्त पांच लाख का टॉप अप मिलेगा।
इस योजना के तहत पंजीकरण कैसे करें ?
सरकार ने लाभार्थियों के पंजीकरण के लिए यूथ क्लब और आम पार्टी के यूथ विंग को कमान सौंपी है। वार्ड और गांव स्तर पर यूथ लोगों के घर-घर जाकर अप्वाइंटमेंट की पर्चियां बांटेंगे। इसके बाद लाभार्थी कामन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकता है।
पंजीकरण के लिए कामन सर्विस सेंटर पर परिवार के कम से कम दो सदस्य जरूर पहुंचे। शेष बचे सदस्यों का नाम बाद में भी दर्ज हो सकता है। इसके बाद लाभार्थियों को कार्ड जारी किए जाएंगे। लगभग 16.60 लाख परिवार, जिनका फंड केंद्र से आता है और जो आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत हैं, उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी के दिशा निर्देश के अनुसार कार्ड जारी किए जाएंगे।

योजना के तहत परिवार की परिभाषा क्या है?
परिवार में मुखिया पति/पत्नी, या तलाकशुदा व्यक्ति और उनके नाबालिग बच्चे तथा विधवा बहू और उसके नाबालिग बच्चे शामिल होंगे। पंजीकृत परिवार के आकार की कोई सीमा नहीं होगी। सभी इसके पात्र होंगे। इसके लिए परिवार के मुखिया को पंजीकरण के समय घोषणा पत्र देना होगा। कोई भी व्यक्ति एक से अधिक परिवारों में पंजीकृत नहीं हो सकता।
सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी कवर होंगे?
पंजाब सरकार के सभी विभागों, संगठनों, सोसायटियों, निगमों और ट्रस्टों में आउटसोर्सिंग, ठेका कर्मचारी सभी योजाना के पात्र होंगे। इसके अलावा पंजाब सरकार के पेशनभोगी और नियमित कर्मचारी भी योजना के अंतर्गत आएंगे। हईएसआइसी, सीजीएचएस या अन्य केंद्रीय, राज्य सरकारी बीमा के तहत कदर लाभार्थी किसी एक योजना का ही लाभ ले सकेंगे।
पांच लाख रुपये वाली पिछली योजना से यह कैसे अलग है?
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार यह योजना आयुष्मान भारत योजना के लिए हेल्थ बेनिफिट पैकेज (एचबीपी 2.2) को अपनाती है। पिछली योजना में 1,669 बीमारियों का इलाज फ्री था। वहीं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना में 2,300 से अधिक उपचार पैकेज शामिल हैं। इनमें ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, कार्डियोलाजी, न्यूरोलाजी, नेफ्रोलाजी, न्यूरोलाजी और आन्कोलाजी जैसी चिकित्सा विशेषज्ञताओं के अंतर्गत सेकेंडरी और टर्शियरी स्तर की सेवाएं शामिल हैं। हृदय शल्य चिकित्सा, कैंसर उपचार, किडनी डायलिसिस एवं ट्रांसप्लांट, मस्तिष्क और रीढ़ की सर्जरी, घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण, मोतियाबिंद सर्जरी, प्रसूति एवं नवजात देखभाल, दुर्घटना एवं आपातकालीन सेवाएं, आइसीयू देखभाल तथा अस्पताल में भर्ती से पहले और बाद की सेवाएं शामिल हैं।
लाभार्थी 824 से अधिक इम्पैनल्ड अस्पतालों में इसका लाभ उठा सकेंगे। इनमें 212 सार्वजनिक अस्पताल, पीजीआइ चंडीगढ़ सहित भारत सरकार के आठ अस्पताल और 600 से अधिक निजी अस्पताल शामिल हैं। आवश्यकता पड़ने पर राज्य से बाहर इलाज की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
योजना के वितीय निहितार्थ क्या हैं?
यह योजना हाइब्रिड मॉडल में लागू की गई है, जिसमें चयनित बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में एक लाख रुपये तक के दावों का निपटारा करेगी। एक लाख से अधिक के दावों में बीमा कंपनी दावों के प्रमाणीकरण और प्रोसेसिंग की जिम्मेदारी निभाएगी, जबकि एक लाख से अधिक की देनदारी राज्य स्वास्थ्य एजेंसी वहन करेगी।
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