आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने संभल में पार्टी कार्यक्रम के दौरान गठबंधन और चुनावी रणनीति पर अपनी बात रखी. उन्होंने सरकार पर बेरोजगारी, पेपर लीक और कानून व्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर आरोप लगाए और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की.

संभल. आजाद समाज पार्टी कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद मंगलवार को संभल पहुंचे. यहां पार्टी की ओर से जनसभा का आयोजन किया गया, जबकि कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे. कार्यक्रम के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने पार्टी के जिलाध्यक्ष शहजाद आलम के आवास पर प्रेसवार्ता भी की.

87 सीटों पर तैयारी

प्रेसवार्ता में चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में 87 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रभारियों की घोषणा कर चुकी है. पार्टी की ओर से जुलाई में 45 विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारियों की पहली सूची जारी की गई थी, जबकि सितंबर में 42 सीटों की दूसरी सूची सामने आई, जिसके बाद यह संख्या 87 हो गई.

उन्होंने कहा कि एक दिन पहले बरेली में सम्मेलन हुआ था और मंगलवार को चंदौसी में कार्यक्रम रखा गया है. गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी के पीछे नहीं जा रही है और जनता का समर्थन जिसके साथ है, उसे किसी दूसरे दरवाजे पर जाने की जरूरत नहीं है.

चंद्रशेखर आजाद ने विपक्षी दलों को लेकर कहा कि जो भी दल भारतीय जनता पार्टी को हराने की बात करते हैं, उन्हें एमएलसी चुनाव में अपनी ताकत दिखानी चाहिए.

सरकार पर लगाए आरोप

चंद्रशेखर आजाद ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि साढ़े नौ साल में लोगों तक रोटी, कपड़ा और मकान नहीं पहुंचा. उन्होंने बेरोजगारी, स्कूल बंद होने और शराब की दुकानें खुलने का मुद्दा उठाया.

उन्होंने भर्तियों में पेपर लीक होने का आरोप भी लगाया. संभल में कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि अखबार देखने पर रोजाना तीन-चार हत्याओं की खबरें मिलती हैं.

इसी दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव से दो साल पहले ही उनकी पार्टी को बी-टीम क्यों कहा जाता है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अपने संगठन और जनता के भरोसे चुनावी तैयारी कर रही है.

ईवीएम पर सवाल

चंद्रशेखर आजाद ने ईवीएम को लेकर भी अपनी स्थिति दोहराई. उन्होंने कहा कि वह खुद ईवीएम के विरोधी हैं और चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाना चाहिए.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए चुनाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि चुनाव निरस्त कराया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि वह भीम आर्मी और नगीना की जनता के भरोसे दोबारा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं.

चंद्रशेखर आजाद के ईवीएम संबंधी बयान ऐसे समय आए हैं, जब हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है. इससे पहले उन्होंने भी चुनाव आयोग की भूमिका और ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे.