चक्रधरपुर। मुंबई-हावड़ा मेल में शनिवार तड़के पावर बैंक में अचानक हुए विस्फोट से बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन के बी-3 कोच में एक यात्री के पावर बैंक में ब्लास्ट के बाद आग लग गई और देखते ही देखते पूरे कोच में धुआं भर गया। धुआं फैलते ही ऑटोमैटिक फायर अलार्म सिस्टम सक्रिय हो गया। अलार्म बजने के बाद एहतियातन ट्रेन को रोक दिया गया। घटना से यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया।
बर्थ नंबर 6 पर रखा था पावर बैंक, अचानक हुआ ब्लास्ट
जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 12809 डाउन मुंबई-हावड़ा मेल शनिवार सुबह करीब 3:38 बजे बंडामुंडा इलेक्ट्रिक शेड के पास डाउन लाइन के किलोमीटर संख्या 408/26 पर पहुंची थी। इसी दौरान बी-3 कोच की बर्थ नंबर 6 पर रखे एक यात्री के पावर बैंक में अचानक विस्फोट हो गया।
ब्लास्ट के बाद धुआं फैलने लगा और ऑटोमैटिक फायर अलार्म सिस्टम सक्रिय हो गया। अलार्म बजते ही ऑन-ड्यूटी रेलवे स्टाफ तत्काल हरकत में आया और स्थिति को नियंत्रित किया।
चेन पुलिंग से नहीं, धुएं से सक्रिय हुआ फायर अलार्म
जांच के दौरान रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रेन का अलार्म चेन पुलिंग के कारण सक्रिय नहीं हुआ था। कोच में फैले धुएं के संपर्क में आने के बाद ऑटोमैटिक फायर अलार्म सिस्टम ने काम किया था।
स्थिति पर तत्काल काबू पाने के बाद ट्रेन को करीब 15 मिनट तक रोकने के बाद सुबह 3:53 बजे हावड़ा के लिए रवाना कर दिया गया।
यात्री को दूसरी बर्थ पर किया गया शिफ्ट
घटना के बाद रेलवे अधिकारियों और टीटीआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित यात्री को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उसके लिए दूसरी बर्थ की व्यवस्था की। समय रहते आग और धुएं पर काबू पा लिए जाने से बड़ा हादसा टल गया।
पावर बैंक की सुरक्षा को लेकर रेलवे की अपील
ट्रेनों में मोबाइल, पावर बैंक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों के मुताबिक, खराब गुणवत्ता वाली बैटरी, ओवरहीटिंग या तकनीकी खराबी के कारण पावर बैंक में ब्लास्ट हो सकता है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान मानक गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का ही इस्तेमाल करें। खासकर चार्जिंग के दौरान उपकरणों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतें।

