चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरुवार को राहुल गांधी से मुलाकात की. पंजाब चुनाव में हुई करारी हार के बाद चरणजीत सिंह चन्नी की राहुल गांधी से यह पहली मुलाकात थी. अचानक हुई इस मुलाकात से अटकलों का बाजार गर्म हो गया. दरअसल पांचों राज्यों में हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश अध्यक्षों से इस्तीफा ले लिया था. इसी कड़ी में नवजोत सिंह सिद्धू ने भी इस्तीफा दे दिया था. अभी तक प्रदेश में कांग्रेस का प्रधान नियुक्त नहीं किया गया है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जा सकता है. बता दें कि इस विधानसभा चुनाव में सीएम रहते हुए चन्नी अपनी दोनों सीट भदौड़ और चमकौर साहिब हार चुके हैं. वहीं पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धू भी अपनी अमृतसर ईस्ट सीट नहीं बचा सके थे.

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चरणजीत सिंह चन्नी ने राहुल से मुलाकात को बताया औपचारिक

इधर चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि वह किसी पद की रेस में नहीं हैं और न ही उन्हें पद चाहिए. वह कांग्रेस पार्टी की सेवा करते रहेंगे. वहीं चन्नी ने आम आदमी पार्टी को जिताने वाले लोगों पर भी तंज कसा. उनसे पंजाब में लगातार हो रहे कत्ल पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि लोग बदलाव चाहते थे, तो उन्हें बदलाव मिल गया. उन्होंने कहा कि अब पंजाब की नई सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए. चरणजीत सिंह चन्नी ने राहुल गांधी के साथ मुलाकात को औपचारिक बताया. उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद मैं राहुल गांधी से नहीं मिला था. उन्होंने कहा हमने 111 दिन में पंजाब में मजबूत सरकार चलाई. चरणजीत चन्नी ने सुनील जाखड़ के बयान को लेकर भी एतराज जताया। चन्नी ने कहा कि जाखड़ अमीर हैं, लेकिन उनकी सोच और मानसिकता खराब है. उन्होंने गरीब और दलितों को जूते की नोक पर रखने की बात कही, यह बिल्कुल गलत है.

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111 दिन के चन्नी के कार्यकाल पर लड़ा गया था चुनाव

कांग्रेस ने चरणजीत चन्नी पर पंजाब में पूरा दांव खेला था. कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने के बाद उन्हें CM बनाया गया. इसके लिए सुनील जाखड़, सुखजिंदर रंधावा और नवजोत सिद्धू को दरकिनार कर दिया गया. इसके बाद चन्नी के 111 दिन के कार्यकाल पर चुनाव लड़ा गया. चन्नी को ही राहुल गांधी ने सीएम चेहरा बनाया था. इसके बावजूद वह 18 सीटों पर सिमट गई.