Automobile Desk: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही ग्राहकों के बीच सीमित रेंज और चार्जिंग स्टेशनों की कमी को लेकर चिंता भी बनी रहती है। इसी रेंज एंग्जायटी को दूर करने के लिए चीनी ऑटोमेकर चेरी (Chery) भारत में एक बिल्कुल नई तकनीक के साथ कदम रखने की तैयारी कर रही है। चेरी के प्रीमियम सब-ब्रांड ‘एक्सीड’ (Exeed) ने अपनी नई कार ET8 REEV का भारत में पेटेंट फाइल किया है। यह भारतीय बाजार के लिए कंपनी का दूसरा रेंज एक्सटेंडर पेटेंट है, इससे पहले एक्सीड EX7 का पेटेंट भी सामने आ चुका है।

एक्सीड ET8 REEV की सबसे बड़ी खासियत इसकी पावरफुल ड्राइविंग रेंज है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गाड़ी केवल बैटरी पावर पर लगभग 200 किलोमीटर तक चलने में सक्षम है। वहीं, जब इसका पेट्रोल टैंक फुल हो और बैटरी पूरी तरह से चार्ज हो, तो यह कुल मिलाकर 1,300 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर सकती है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले भारतीय ड्राइवरों के लिए इतनी बड़ी रेंज एक बहुत बड़ा फायदा साबित हो सकती है।

तकनीकी रूप से यह गाड़ी पारंपरिक इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड कारों से काफी अलग है। इसमें REEV (रेंज एक्सटेंडर इलेक्ट्रिक व्हीकल) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। ET8 में करीब 40kWh की क्षमता वाली LFP बैटरी के साथ 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन और एक जेनरेटर मोटर मिलती है। खास बात यह है कि इसका पेट्रोल इंजन सीधे गाड़ी के पहियों को पावर नहीं देता, बल्कि इसका इकलौता काम ऑन-द-गो बैटरी को चार्ज रखना होता है। कार के पहिये हर वक्त केवल इलेक्ट्रिक मोटर से ही चलते हैं, जिससे फ्यूल एफिशिएंसी और परफॉर्मेंस दोनों का बेहतरीन संतुलन मिलता है।

डिजाइन के मामले में एक्सीड ET8 काफी बोल्ड और मस्कुलर नज़र आती है। इसका बॉक्सी प्रोफाइल इसे सड़क पर एक मजबूत प्रेजेंस देता है, जो कंपनी की फुल-इलेक्ट्रिक कार ET9 से काफी हद तक प्रेरित है। इन दोनों ही मॉडल्स को पहली बार दिसंबर 2025 में आयोजित एक्सीड ब्रांड डे पर दुनिया के सामने प्रदर्शित किया गया था। इस कार के पिछले दरवाजों में रियर-हिंज्ड सेटअप (सुसाइड डोर्स) देखने को मिलता है, जो इसके प्रीमियम लुक में इजाफा करता है।

भारत में पेटेंट फाइल होने से यह साफ जाहिर है कि चेरी देश के पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में उतरने के लिए ठोस रणनीति बना रही है। चर्चाएं हैं कि कंपनी जेएसडब्ल्यू (JSW) समूह के साथ साझेदारी करके अपने भारतीय ऑपरेशंस की शुरुआत कर सकती है। हालांकि पेटेंट कराने का मतलब तुरंत लॉन्च होना नहीं होता और 2026 में इसके बाजार में आने के आसार बेहद कम हैं, लेकिन भारत में जारी अलग-अलग हाइब्रिड मॉडल्स की टेस्टिंग से यह संकेत मिलता है कि आने वाले कुछ सालों में यह प्रीमियम गाड़ी भारतीय सड़कों पर दौड़ती दिखाई दे सकती है।

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