पंकज श्रीवास्तव/छपरा। बिहार के सारण जिले में भगवान बाजार थाना क्षेत्र स्थित एक मेगामार्ट में काम करने के दौरान बिजली का जोरदार झटका लगने से एक युवा मिस्त्री की असामयिक मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव के साथ सड़क जाम कर जमकर प्रदर्शन किया।

​काम के दौरान हुआ हादसा

​मृतक की पहचान गुदरी मेन रोड मोहल्ला निवासी परशुराम साह के 32 वर्षीय पुत्र जितेंद्र कुमार साह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, जितेंद्र पेशे से एक निजी बिजली मिस्त्री था। उसे गुदरी मेन रोड स्थित एक मेगामार्ट भवन में बिजली संबंधी खराबी सुधारने के लिए बुलाया गया था। मरम्मत कार्य के दौरान वह अचानक हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया और अचेत होकर वहीं गिर पड़ा। काफी देर बाद जब हलचल हुई तो लोग वहां पहुंचे और आनन-फानन में उसे छपरा सदर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सुब्रत कुमार ने उसे मृत घोषित कर दिया।

​परिजनों का आरोप और विलाप

​अस्पताल में मौत की पुष्टि होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि यदि हादसे के तुरंत बाद उसे अस्पताल पहुंचाया जाता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। बताया जा रहा है कि जितेंद्र की शादी पिछले साल अप्रैल में ही हुई थी। वैवाहिक जीवन का अभी एक वर्ष ही बीता था कि इस हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं।

​मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम

​पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव परिजनों को सौंपा गया, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय लोगों और परिजनों ने शव को बीच सड़क पर रखकर यातायात बाधित कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन और मेगामार्ट प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनकी मांग है कि मृतक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए, क्योंकि वह घर का कमाऊ सदस्य था।

​प्रशासनिक पहल

​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भगवान बाजार थाना पुलिस और वरीय पुलिस पदाधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास जारी है ताकि जाम हटवाया जा सके और कानून व्यवस्था बनी रहे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है कि आखिर सुरक्षा मानकों में चूक कहां हुई।