Chhattisgarh : हकीमुददीन नासिर, महासमुंद. छत्तीसगढ़ में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है. पिछले डेढ़ साल में प्रदेशभर में पुलिस ने 970 मामलों में करीब 32 टन गांजा जब्त कर 1,975 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में महासमुंद पुलिस ने प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है. ऑपरेशन निश्चय के तहत महासमुंद पुलिस ने महज 9 महीने में करीब 50 करोड़ रुपये कीमत का 10 हजार किलो गांजा जब्त किया है. इस दौरान 177 मामलों में 501 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. खास बात यह है कि पुलिस अब केवल तस्करों और परिवहनकर्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़कर कार्रवाई कर रही है.
177 केस में 501 आरोपी गिरफ्तार
महासमुंद पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक ऑपरेशन निश्चय के तहत गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. इस दौरान 177 प्रकरण दर्ज कर 501 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 70 फरार आरोपियों की तलाश जारी है. गिरफ्तार आरोपियों में 289 परिवहनकर्ता शामिल हैं.
पुलिस ने एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन के तहत बैकवर्ड लिंकेज में 145 आरोपियों को ओडिशा से गिरफ्तार किया, जबकि फॉरवर्ड लिंकेज में 67 आरोपियों को पकड़ा गया है. गिरफ्तार आरोपियों में सबसे ज्यादा 162 ओडिशा, 138 छत्तीसगढ़, 103 महाराष्ट्र, 73 मध्यप्रदेश और 54 उत्तर प्रदेश के निवासी हैं.
ओडिशा से अलग-अलग राज्यों में पहुंचाई जा रही खेप
जांच में सामने आया है कि गांजे की खेप ओडिशा से लाई जा रही थी और महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा तक पहुंचाई जा रही थी. पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए गए करीब 10 करोड़ रुपये कीमत के वाहन भी जब्त किए हैं. इनमें बस, ट्रक, पिकअप, एंबुलेंस और कोरियर सर्विस के वाहन शामिल हैं. तस्कर पुलिस से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे थे. कभी फलों के नीचे, कभी कंटेनर के चेंबर में, तो कभी एंबुलेंस, सब्जी वाहनों और पैकर्स एंड मूवर्स के सामान के बीच गांजे की खेप छिपाकर ले जाई जा रही थी. पुलिस ने इन तरीकों का खुलासा करते हुए तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई की है.
महासमुंद पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. अब पुलिस की नजर तस्करों की चल और अचल संपत्तियों पर भी है. अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
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