Chhattisgarh : अमित पांडेय, डोंगरगढ़. डोंगरगढ़ थाना एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित वीडियो ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. वीडियो में वर्दी के भीतर “लेन-देन” कर मामला निपटाने के आरोप नजर आ रहे हैं. हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सामने आए दृश्य पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना रहे हैं. वायरल वीडियो की शुरुआत ही कई सवाल खड़े करती है.

फुटेज में एक एएसआई, जिसे खूंटे बताया जा रहा है, थाना परिसर के भीतर बैठे अपने मोबाइल फोन में एक महिला की तस्वीर को ज़ूम करके देखते नजर आते हैं. यह दृश्य खुद में आचरण और कार्यशैली को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करता है. इसके बाद वीडियो में कथित तौर पर एक वर्दीधारी आरक्षक अंदर आता है और नगदी लेकर अपनी जेब में रखता दिखाई देता है. आगे के हिस्से में एएसआई द्वारा बाहर आकर संबंधित व्यक्ति से और पैसों की मांग करने और “मामला निपटाने” की बात कहने के आरोप भी सामने आ रहे हैं.
पूरे घटनाक्रम ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, जब यह सब कुछ थाने के भीतर हो रहा था, तो क्या थाना प्रभारी को इसकी भनक तक नहीं थी? या फिर यह सब उनकी जानकारी में ही चल रहा था? यह पहलू जांच का सबसे अहम बिंदु होना चाहिए, क्योंकि किसी भी थाने की गतिविधियों की अंतिम जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होती है. ऐसे में यदि वीडियो सही पाया जाता है, तो कार्रवाई केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जिम्मेदारी की श्रृंखला ऊपर तक तय करना जरूरी होगा. जमीनी स्तर पर इस तरह के आरोप सामने आना विभागीय सख्ती और निगरानी पर सवाल खड़े करता है.
अब देखना होगा कि पुलिस विभाग इस वायरल वीडियो को लेकर कितनी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करता है. फिलहाल, जनता के बीच एक ही सवाल गूंज रहा है, क्या वर्दी के भीतर चल रही इस कथित ‘सौदेबाज़ी’ पर सख्त कार्रवाई होगी?
देखिए वायरल वीडियो
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