रायपुर। छत्तीसगढ़ की होनहार वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत और प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है। उन्होंने महिला 53 किलोग्राम वर्ग में कुल 199 किलोग्राम वजन (88 किग्रा स्नैच + 111 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाकर रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि के साथ ही भारत के खाते में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का पांचवां पदक जुड़ गया, जबकि वेटलिफ्टिंग में यह भारत का चौथा पदक है।

199 किलोग्राम वजन उठाकर जीता रजत पदक

ज्ञानेश्वरी यादव ने प्रतियोगिता में शुरुआत से ही दमदार प्रदर्शन किया। स्नैच स्पर्धा में उन्होंने क्रमशः 82 किलोग्राम, 85 किलोग्राम और 88 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले प्रयास में 103 किलोग्राम, दूसरे प्रयास में 107 किलोग्राम और तीसरे प्रयास में 111 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 199 किलोग्राम के साथ सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक नाइजीरिया की दिदीह ने अपने नाम किया।

भारत के खाते में जुड़ा पांचवां पदक

ज्ञानेश्वरी यादव के इस शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ की बेटियां खेलों के बड़े मंच पर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उनकी सफलता से पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है और खेल प्रेमियों के साथ-साथ प्रदेशवासियों ने उन्हें बधाइयां दी हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का वेटलिफ्टिंग में प्रदर्शन अब तक शानदार रहा है। इससे पहले मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक, जबकि राजा मुथुपंडी और रिशिकांता सिंह ने रजत पदक जीते थे। अब ज्ञानेश्वरी यादव के सिल्वर के साथ वेटलिफ्टिंग में भारत के कुल चार पदक हो चुके हैं। वहीं झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीतकर भारत की पदक संख्या को पांच तक पहुंचाया।

खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने दी बधाई

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भी ज्ञानेश्वरी यादव की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,

“भारत का गौरव और ऊंचा उठाने के लिए बधाई! 🇮🇳💪 खेलो इंडिया की एथलीट ज्ञानेश्वरी यादव को ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में शानदार संघर्ष के बाद रजत पदक जीतने पर हार्दिक शुभकामनाएं।”

उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी की यह उपलब्धि देश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है और भारत के खेल जगत के लिए गर्व का क्षण है।

कॉमनवेल्थ में वेटलिफ्टिंग में भारत का शानदार रिकॉर्ड

कॉमनवेल्थ खेलों में भारत का वेटलिफ्टिंग इतिहास भी बेहद शानदार रहा है। वर्ष 1990, 2002, 2018, 2022 और अब 2026 में भी भारतीय वेटलिफ्टरों ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। राष्ट्रमंडल खेलों में भारत अब तक वेटलिफ्टिंग में 133 पदक, जिनमें 46 स्वर्ण पदक शामिल हैं, जीत चुका है। वहीं बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने वेटलिफ्टिंग में 10 पदक (3 स्वर्ण, 3 रजत और 4 कांस्य) अपने नाम किए थे।

पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लहरा चुकी हैं परचम

गौरतलब है कि ज्ञानेश्वरी यादव इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी हैं। उन्होंने जूनियर वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में रजत पदक और सीनियर कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। तीन महीने पहले समोआ के अपिया स्थित तुआनाइमाटो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित आईडब्ल्यूएफ (IWF) यूनिवर्सल कप में उन्होंने 53 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद मई में आयोजित सीनियर एशियाई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 53 किलोग्राम वर्ग में एक रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किया।

गुंडाधुर पुरस्कार से भी हो चुकी हैं सम्मानित

खेलों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ज्ञानेश्वरी यादव को छत्तीसगढ़ शासन के प्रतिष्ठित गुंडाधुर पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता गया यह रजत पदक न केवल उनके शानदार करियर में एक और उपलब्धि जोड़ता है, बल्कि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का नया स्रोत बनेगा।

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