आज पटना के ऐतिहासिक वेटनरी ग्राउंड में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से बहुप्रतीक्षित ‘Youth BOLE TO’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान इस मंच से सीधे तौर पर बिहार के युवाओं और खास तौर पर Gen-Z पीढ़ी से संवाद करेंगे। कुछ दिन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक ने इस मेगा इवेंट की घोषणा करते हुए युद्ध स्तर पर तैयारियों के निर्देश दिए थे, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को एक ऐसा खुला और सशक्त मंच देना है जहां वे अपनी बात बेबाक अंदाज में रख सकें।
शिक्षा, रोजगार और तकनीक पर होगी विशेष चर्चा
इस अनूठे संवाद कार्यक्रम का दायरा बेहद व्यापक रखा गया है, जिसमें मुख्य रूप से इन मुद्दों पर मंथन होगा:
- शिक्षा और गुणवत्ता: आधुनिक समय की शिक्षा प्रणाली और उसमें सुधार की संभावनाएं।
- रोजगार और कौशल विकास: युवाओं के लिए आजीविका के नए अवसर और वोकेशनल ट्रेनिंग।
- उद्यमिता और तकनीक: डिजिटल युग की चुनौतियों का सामना करते हुए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना।
- भविष्य की नीतियां: तकनीकी बदलावों के दौर में युवाओं की अपेक्षाओं को समझना।
भाषण नहीं, बल्कि सीधा संवाद है प्राथमिकता
इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पारंपरिक रैलियों की तरह केवल एकतरफा भाषण का मंच नहीं होगा। पार्टी नेतृत्व का पूरा जोर युवाओं को सुनने पर रहेगा। युवा सीधे तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के सामने अपने सवाल रख सकेंगे, अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगे और भविष्य को लेकर अपने सुझाव भी दे सकेंगे। पार्टी का मानना है कि तेजी से बदलती तकनीक और डिजिटल युग में युवाओं की प्राथमिकताएं भी बदली हैं, जिन्हें समझना राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद जरूरी है।
युवा केवल भविष्य नहीं, वर्तमान की भी ताकत
प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक ने इस बात पर जोर दिया है कि युवा आने वाले कल की तस्वीर तो हैं ही, साथ ही वे आज के दौर की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं। उनकी सोच और ऊर्जा को विकास की मुख्यधारा से जोड़े बिना किसी भी समाज का समग्र उत्थान संभव नहीं है। इसी सोच के तहत इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है।
युवा प्रकोष्ठ के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी
कार्यक्रम के सफल आयोजन, सुचारू संचालन और बेहतर समन्वय की पूरी जिम्मेदारी युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष को कार्यक्रम संयोजक के रूप में सौंपी गई है। पार्टी को पूरी उम्मीद है कि इस मंच के जरिए बिहार के युवाओं को राजनीति और नीति-निर्माण से जुड़ने का एक नया अवसर प्राप्त होगा।


