Xi Jinping Action Against His Own Party Workers: चीन (China) की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party) के मुखिया और राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने ही कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक्शन ले रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक साल में 10 लाख कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज हुए हैं। जबकि 1 लाख कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। शी जिनपिंग के 29 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता ने खुद आगे आकर सरेंडर किया है। सत्ताधारी पार्टी के ज्यादातर कार्यकर्ताओं पर भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के आरोप थे।
यह जानकारी कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी की बैठक में सामने आई है। अपने ही कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर पार्टी का कहना है कि सेल्फ गवर्नेंस मॉडल को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पीपुल्स डेली चाइना (People’s Daily China) की रिपोर्ट के मुताबिक 9 लाख 83 हजार कार्यकर्ताओं को एक साल में सजा सुनाई गई है। शेष के खिलाफ ट्रायल जारी है। चीन का कहना है कि उसने पिछले 5 साल में कम्युनिष्ट पार्टी के सेंट्रल कमेटी (सबसे सर्वोच्च इकाई) में भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। 2022 में सेंट्रल कमेटी में 200 मेंबर थे। अब सिर्फ 165 बचे हैं। यानी 5 साल में 35 लोगों को पद से हटाया गया है। इन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा 2025 में CPC की सेंट्रल कमेटी के ऑर्गनाइजेशन डिपार्टमेंट के सीधे एडमिनिस्ट्रेट किए जाने वाले 181 अधिकारियों के खिलाफ केस फाइल किए।
मीटिंग में सेल्फ गवर्नेंस का ड्राफ्ट पेश, जिनपिंग के राष्ट्रपति बनने पर लगेगी मुहर
वहीं सेंट्रल कमेटी की बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सेल्फ गवर्नेंस का एक और ड्राफ्ट पेश किया है। इसके जरिए ग्लोबल निवेश चीन में लाना और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। इस बैठक में जिनपिंग के कार्यकाल को लेकर भी फैसला हो सकता है। माना जा रहा है कि बैठक में शी जिनपिंग के फिर से राष्ट्रपति की कुर्सी संभालने पर मुहर लग सकती है। ऐसा होता है तो शी जिनपिंग अगले 5 साल तक फिर से चीन के राष्ट्रपति बने रहेंगे।
अपने ही कार्यकर्ताओं पर एक्शन क्यों ले रहा चीन?
2022 में शी जिनपिंग ने आंतरिक सफाई की बात कही थी। इसके बाद पार्टी के भीतर बड़े पैमाने पर एक्शन जारी है। रशियन एकेडमी ऑफ साइंसेज के इंस्टीट्यूट ऑफ चाइना एंड कंटेम्पररी एशिया के लीड रिसर्चर पावेल ट्रोशचिंस्की के मुताबिक चीन की एंटी-करप्शन कोशिशें कागजी जरूरतों से असली एक्शन की ओर बढ़ गई हैं। पार्टी ने कार्यकर्ताओं पर एक्शन लेकर यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामले में किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।
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