चित्रकूट के बक्टा खुर्द गांव में मोबाइल फोन को लेकर दो भाइयों के बीच हुए विवाद में बीच-बचाव करने आई 70 वर्षीय दिव्यांग संवरिया देवी की मौत हो गई. पुलिस ने छोटे बेटे जुगुल निषाद और उसकी पत्नी आरती के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है.

चित्रकूट. जिले के सरधुवा थाना क्षेत्र स्थित बक्टा खुर्द गांव में शनिवार रात मोबाइल फोन को लेकर दो भाइयों के बीच हुए विवाद में उनकी 70 वर्षीय दिव्यांग मां संवरिया देवी की मौत हो गई. आरोप है कि बीच-बचाव करने पहुंची महिला पर छोटे बेटे जुगुल निषाद और उसकी पत्नी आरती ने लाठी से हमला किया. पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है.

मोबाइल को लेकर विवाद

भोले निषाद (39) के मुताबिक, शनिवार रात करीब नौ बजे उनका छोटा भाई जुगुल निषाद (35) शराब पीकर घर आया और मोबाइल फोन मांगने लगा. मोबाइल में बैलेंस नहीं होने की बात कहने पर दोनों भाइयों के बीच छीनाझपटी शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई.

आरोप है कि इसी दौरान जुगुल की पत्नी आरती भी वहां पहुंची और भोले के साथ मारपीट करने लगी. चारपाई पर लेटी संवरिया देवी ने दोनों को अलग करने की कोशिश की और उन्हें कमरे में जाने के लिए कहा.

मां और अन्य पर हमला

आरोप के मुताबिक, मां के बीच-बचाव करने से नाराज जुगुल ने उनके सिर, गर्दन और पीठ पर लाठी से कई वार किए. आरती पर भी सास के साथ मारपीट करने का आरोप है. भोले ने मदद के लिए अपने मामा बुद्धिलाल को बुलाया, लेकिन उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गए.

परिवार की दो बेटियों रोशनी और मोनिका ने भी संवरिया देवी को बचाने की कोशिश की. आरोप है कि उनके साथ मारपीट कर उन्हें वहां से भगा दिया गया. शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो जुगुल अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ फरार हो गया.

अस्पताल में मृत घोषित

घायल संवरिया देवी को राजापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. सरधुवा थाना प्रभारी श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि भोले निषाद की शिकायत पर जुगुल और आरती के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है.

30 साल पहले आई थीं मायके

संवरिया देवी की बहन रजवंती देवी, जो कर्वी की निवासी हैं, ने बताया कि संवरिया की शादी लोहदा गांव में हुई थी. करीब 30 साल पहले वह अपने बच्चों के साथ मायके बक्टा खुर्द आकर रहने लगी थीं.

दोनों बेटे अपने परिवारों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकान में रहते थे. भोले और जुगुल ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करते हैं और जुलाई में दोनों गांव लौटे थे. जुगुल ने प्रेम विवाह किया था. उसकी पत्नी आरती रायबरेली जिले की रहने वाली है.