उत्तर प्रदेश के एटा में चाऊमीन खाते समय सांस नली में खाना फंसने से मिरहची की किशोरी तनू की मौत हो गई. मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एस. चंद्रा ने नूडल्स खाते समय सावधानी बरतने और दम घुटने की स्थिति में तुरंत मदद देने की सलाह दी.
एटा. जिले के मिरहची में चाऊमीन खाते समय सांस नली में खाना फंसने से किशोरी तनू की मौत हो गई. इस घटना के बाद चिकित्सकों ने नूडल्स खाते समय सावधानी बरतने की जरूरत बताई है. मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. एस. चंद्रा ने भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाने और बच्चों को नूडल्स देते समय विशेष सतर्कता रखने की सलाह दी.
नूडल्स खाते समय सावधानी
डॉ. एस. चंद्रा के अनुसार, सांस नली को विंड पाइप कहा जाता है. नूडल्स लंबे और चिकने होते हैं, इसलिए उन्हें बिना ठीक से चबाए निगलने पर भोजन का टुकड़ा सांस नली में पहुंच सकता है. तनू के मामले में सामने आई जानकारी भी इसी आशंका की ओर संकेत करती है.
उन्होंने सलाह दी कि चाऊमीन छोटे निवालों में खानी चाहिए और चम्मच में एक बार में बहुत अधिक मात्रा नहीं लेनी चाहिए. भोजन को अच्छी तरह चबाकर निगलना जरूरी है. खाते समय हंसने या बोलने से भी बचना चाहिए, ताकि भोजन सांस नली में जाने का जोखिम कम हो.
डॉक्टर ने बैठकर भोजन करने पर भी जोर दिया. उन्होंने बताया कि निगलने की प्रक्रिया के दौरान सांस नली को ढकने वाली संरचना एपिग्लॉटिस भोजन को श्वसन मार्ग में जाने से रोकने में मदद करती है. बच्चों को चाऊमीन खिलाते समय उसे छोटे टुकड़ों में काट देना चाहिए, ताकि खाने में आसानी हो.
सांस रुकने पर क्या करें
यदि भोजन गले में फंस जाए और व्यक्ति सांस न ले पा रहा हो, तो यह आपात स्थिति हो सकती है. ऐसी स्थिति में तुरंत मदद बुलानी चाहिए और व्यक्ति की उम्र व स्थिति के अनुसार उचित प्राथमिक उपचार देना चाहिए.
हाइमलिख मैन्युवर का उपयोग कुछ मामलों में दम घुटने पर किया जाता है. इसमें पेट के ऊपरी हिस्से पर नियंत्रित दबाव देकर सांस का रास्ता रोक रहे पदार्थ को बाहर निकालने की कोशिश की जाती है. हालांकि, यह तकनीक हर व्यक्ति पर एक जैसी लागू नहीं होती, इसलिए उम्र और परिस्थिति के अनुरूप प्रशिक्षित व्यक्ति से सहायता लेना जरूरी है.
बच्चों, विशेषकर एक साल से कम उम्र के शिशुओं के लिए प्राथमिक उपचार की तकनीक अलग होती है. यदि व्यक्ति खांस पा रहा है, तो उसे खांसने के लिए प्रोत्साहित करें. यदि वह सांस नहीं ले पा रहा, बोल नहीं पा रहा या बेहोश होने लगे, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें.

