सत्या राजपूत, रायपुर। स्मार्ट सिटी रायपुर के शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड के लोग गंदगी के बीच रहने मजबूर हैं। धप्पड़ गली, रामकुंड, आमा तालाब, राधा कृष्ण मंदिर, उत्कल बस्ती, ठाकरे चौक, महाराष्ट्र मंडल और गंगा राम नगर के लोग कई सालों से एक ही शिकायत दोहरा रहे हैं कि यहां नालियां जाम हैं, सड़कें अधूरी हैं। बरसात में घरों में गंदा पानी और बदबू के बीच जीने की मजबूरी है।
नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय लोगों ने बताया, पूरा मोहल्ला बरसात के पानी में डूब जाता है। घरों में पूरा पानी घुस जाता है। हर मौसम में नाली की बदबू के बीच जीने को मजबूर हैं। घर के दरवाजे खोलते ही खुली नाली है, जिसमें बच्चे गिर जाते हैं। चार महीने बरसात में नरक जैसी जिंदगी जीते हैं। पार्षद वार्ड की गलियों में झांकने तक नहीं आते।


दो-दो साल से अधूरा पड़ा है पाइपलाइन का काम
लोगों का आरोप है कि दो-दो साल से पाइप लगाने के लिए सड़क खोदी गई है, लेकिन आज तक काम अधूरा पड़ा है। थोड़ी सी बारिश में नाली का गंदा पानी घरों में घुस जाता है। सफाई, जलभराव, कूड़ा-करकट और खराब सड़कों की समस्या सालों से जस की तस है। एक वार्डवासी ने बताया, जब चुनाव के समय वोट मांगने आए थे तभी नेता लोग आए थे। समस्याओं को दूर करने का वादा किया था, लेकिन चुनाव के बाद आज तक इस मोहल्ले में कोई नहीं आए। इस बार चुनाव आएगा तो हम बताएंगे।
कुछ बोलो तो धराने-धमकाने का आरोप
कुछ लोगों ने पार्षद के व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहली बार पार्षद चुने जाने पर व्यवहार सही था। कुछ नालियां बनीं, घर वगैरह बने। अब मुंह भी नहीं दिखाते। एक व्यक्ति ने गुस्से में कहा, कुछ बोलो तो डराने-धमकाने जैसा माहौल बन जाता है। डर का माहौल है। लड़ाई-झगड़ा होता है, प्रतिनिधि नहीं, गुंडे रखे हैं। लोगों का एक और तीखा सवाल है कि पार्षद का मानदेय महज 7500 रुपये है, फिर भी उनके जीवन में जमीन-आसमान का अंतर कैसे आ गया? गाड़ी-घोड़ा खरीदा, घर ठीक किया। गरीब और गरीब हो रहे हैं और ये गरीबों के सेवक अमीर कैसे हो गए? आय-व्यय का हिसाब होना चाहिए।
सफाई के तुरंत बाद गंदगी कर देते हैं लोग : पार्षद
वार्डवासियों के आरोपों पर शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड के पार्षद दीपक जायसवाल ने कहा, 100 सफाई कर्मचारी लगा दूं तो भी सफाई नहीं हो सकती, क्योंकि बस्ती क्षेत्र में सफाई के बाद तुरंत गंदगी कर देते हैं। जागरूकता की कमी है। सभी को खुश नहीं किया जा सकता है। सप्ताह में सफाई होती है। वार्ड में रोज नहीं घूम पाता, लेकिन महीने में जरूर चक्कर लगा लेता हूं। वार्ड में काम हो रहा है, सैकड़ों घर बन रहे हैं।
जनप्रतिनिधि को दुर्व्यहार करने का हक नहीं : नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा, आम जनता के लिए जनप्रतिनिधि है। अगर जनता के साथ सही व्यवहार नहीं हो रहा है तो यह चिंताजनक है। काम कर रहे हों या नहीं, किसी से दुर्व्यहार करने का हक नहीं है। चाहे कोई भी जनप्रतिनिधि हो।
समस्याओं का समाधान होगा : महापौर
महापौर मीनल चौबे ने शिकायत स्वीकार करते हुए कहा, चूड़ामणि वार्ड में सफाई-गंदगी को लेकर शिकायत आई है। बहुत जल्द समाधान किया जाएगा। सफाई सिस्टम को लेकर नई प्रणाली लागू हो रही है। जहां-जहां नाली का पानी घरों में घुसता है, वहां निरीक्षण कर समाधान किया जाएगा। व्यवहार को लेकर महापौर ने कहा, दीपक जायसवाल MIC सदस्य हैं, उनसे बात की जाएगी। वर्क लोड में कभी-कभी ऐसा हो जाता है।
उठते सवाल
वार्डवासी सवाल उठा रहे कि दो साल से खोदी गई सड़क और अधूरे पाइप का काम कब पूरा होगा? हर साल बरसात में घरों में गंदा पानी घुसने की समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं निकला? पार्षद का मानदेय 7500 रुपये है, फिर भी जीवनशैली में इतना बदलाव कैसे आया? आय-व्यय का हिसाब जनता को क्यों नहीं दिया जाता? चुनाव के समय वादे और चुनाव के बाद गायब, यह पैटर्न कब बदलेगा? जागरूकता की कमी बताकर जिम्मेदारी जनता पर डालना कितना उचित है? क्या जनप्रतिनिधि की भूमिका सिर्फ सफाई कर्मचारी लगाने तक सीमित है या विकास सुनिश्चित करना भी है?
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