रायपुर। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने राज्य अलंकरण से सम्मानित विभूतियों और युवाओं को सरकारी नौकरियों की सीधी भर्ती में अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट देने की मांग की है। इस संबंध में सोसायटी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर आगामी 11 अक्टूबर को होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव पर निर्णय लेने का आग्रह किया है।

सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने कहा कि राज्य की प्रतिभाओं को सम्मान देने के साथ उन्हें सरकारी सेवाओं में अपनी योग्यता साबित करने का अवसर भी मिलना चाहिए। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त युवाओं को आयु सीमा में छूट का लाभ मिलता है, लेकिन राज्य स्तर पर सम्मानित कई विभूतियां इस सुविधा से वंचित हैं।

34 क्षेत्रों के राज्य अलंकरण प्राप्त लोगों को मिले लाभ

मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में डॉ. सोलंकी ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हर साल विधि, चिकित्सा, साहित्य, कला, पत्रकारिता, खेल, कृषि और सामाजिक चेतना सहित लगभग 34 क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को राज्य के प्रतिष्ठित अलंकरणों से सम्मानित किया जाता है। इनमें बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान, पंडित सुंदरलाल शर्मा सम्मान, दाऊ मंदराजी सम्मान, चंदूलाल चंद्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार, धन्वंतरि सम्मान, गुंडाधूर सम्मान, मिनीमाता सम्मान और डॉ. खूबचंद बघेल सम्मान जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार शामिल हैं। इन सम्मानों से अलंकृत व्यक्तियों को पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र के अलावा सरकारी सेवाओं में आयु सीमा संबंधी कोई विशेष लाभ नहीं मिलता। ऐसे में सभी राज्य अलंकरण प्राप्त लोगों को समान अवसर देने के लिए नियमों में बदलाव किया जाना चाहिए।

खेल पुरस्कारों की तर्ज पर छूट देने की मांग

सिविल सोसायटी ने सामान्य प्रशासन विभाग के 1 दिसंबर 2006 के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, गुण्डाधुर सम्मान, महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान और राष्ट्रीय युवा पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों एवं युवाओं को सरकारी नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट देने का प्रावधान किया गया था। हालांकि, सोसायटी के अनुसार यह सुविधा कुछ चुनिंदा पुरस्कारों तक सीमित है। साहित्य, चिकित्सा, पत्रकारिता, कला, कृषि और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले राज्य अलंकरण प्राप्त लोगों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए।

38 से 45 वर्ष आयु सीमा बढ़ाने के फैसले का दिया हवाला

डॉ. कुलदीप सोलंकी ने राज्य सरकार द्वारा शासकीय सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से युवाओं को अधिक अवसर मिले हैं। सोसायटी ने इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए सभी राज्य अलंकरणों से सम्मानित विभूतियों को सरकारी सेवाओं की सीधी भर्ती में पांच वर्ष की अतिरिक्त आयु छूट देने का स्पष्ट प्रावधान करने की मांग की है।

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