लखनऊ. जयपुर के बगरू गांव में शुक्रवार सुबह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया. रांका सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने गांव पहुंचे थे. इसी दौरान ग्रामीणों ने उनका विरोध करते हुए उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया. CJP नेताओं का आरोप है कि इस दौरान रांका और उनकी टीम के साथ धक्का-मुक्की भी की गई. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. मामले को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा पर मारपीट और हमला करने का आरोप लगाया है.

अखिलेश ने एक्स पर लिखा कि ‘स्कूलों की बदहाली का खस्ताहाल दिखाने की कोशिश करेनवाले ‘जंतर-मंतर के युवा आंदोलनकारियों’ पर राजस्थान में भाजपाइयों द्वारा किया गया जानलेवा हिंसक हमला और गाड़ियों के शीशे तक तोड़ने का कुकृत्य बेहद निंदनीय है. ‘हिंसा’ हताशा का ही उग्र रूप होती है. शिक्षा विरोधी भाजपा और उनके संगी-साथी कभी नहीं चाहते हैं कि लोग जागरूक हों और उनकी दकियानूसी सोच पर आधारित रूढ़िवादी-सामंतवादी सत्ता के खिलाफ खड़े होकर उसे उखाड़ फेंकें. शिक्षा भाजपाइयों के लिए व्यापार है, ‘मानव संसाधन विकास’ का मुद्दा नहीं. छात्र कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा.’

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बताया जा रहा है कि CJP कार्यकर्ताओं के गांव पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने मुख्य रास्ते की घेराबंदी कर दी थी. वहां आने-जाने वाली गाड़ियों की चेकिंग भी की जा रही थी. जैसे ही आशुतोष रांका अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे, ग्रामीणों ने उनका विरोध शुरू कर दिया. CJP कार्यकर्ता शिवांगी शर्मा ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया और उन्हें आतंकवादी या नक्सली कहा. उन्होंने कहा कि बाहरी-भीतरी का सवाल नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह एक ही देश है. उनके मुताबिक, CJP कार्यकर्ता अपने ही देश के बच्चों की समस्याओं की बात करने पहुंचे थे.

आशुतोष रांका ने पहले बगरू विधानसभा के बगरू गांव स्थित सरकारी स्कूल का दौरा करने की जानकारी दी थी. उनका कहना था कि स्कूल में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और भवन की स्थिति का जायजा लिया जाएगा. रांका ने आरोप लगाया था कि गांव का सरकारी स्कूल पूरी तरह जर्जर हो चुका है. इसके चलते बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इन्हीं समस्याओं को देखने के लिए वह शुक्रवार सुबह अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे थे.