Business Desk – Share Market Crash : शेयर बाजार में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को शुरुआती तेजी के बाद अचानक बिकवाली बढ़ गई। सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर 74,682 से करीब 1,200 अंक फिसलकर 73,500 के आसपास कारोबार करने लगा। निफ्टी भी सुबह की बढ़त गंवाकर करीब 150 अंक की गिरावट के साथ 22,750 के आसपास आ गया।

ऑटो, मेटल और रियल्टी शेयरों में ज्यादा दबाव देखने को मिला। बाजार में यह गिरावट ऐसे समय आई, जब जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित IPO निवेशकों के लिए खुला। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

सेंसेक्स-निफ्टी की तेजी क्यों पलटी?

कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी बढ़त थी। सेंसेक्स 74,682 के स्तर तक पहुंचा, जबकि निफ्टी भी 23,000 के ऊपर निकल गया। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी और बाजार में बिकवाली बढ़ गई।

सेंसेक्स अपने दिन के उच्च स्तर से करीब 1,200 अंक नीचे आ गया। निफ्टी भी सुबह की करीब 200 अंकों की बढ़त गंवाकर गिरावट में कारोबार करने लगा।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ी चिंता

कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव और तेल आपूर्ति से जुड़े जोखिमों के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रही।

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर कंपनियों की लागत, उपभोक्ता मांग और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

Jio IPO आज से खुला, 30,188 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य

जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO बुधवार, 21 अक्टूबर से निवेशकों के लिए खुल गया है। इसमें 23 अक्टूबर तक बोली लगाई जा सकेगी। कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब 30,188 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है।

निवेशकों को इसमें न्यूनतम 13,428 रुपए लगाने होंगे। देश के सबसे बड़े IPO में शामिल इस इश्यू पर घरेलू बाजार के निवेशकों की नजर है। हालांकि, IPO खुलने और शेयर बाजार में गिरावट के बीच सीधे तौर पर कोई संबंध मानना सही नहीं होगा।

IT शेयरों में तेजी, L&T Technology Services चढ़ा

बाजार में गिरावट के बीच कुछ आईटी शेयरों में मजबूती देखने को मिली। L&T Technology Services के शेयर में करीब 10.5% की तेजी आई। कंपनी के तिमाही नतीजों और कारोबार की संभावनाओं को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।

दूसरी ओर, बजाज फाइनेंस के शेयरों में तिमाही नतीजों के बावजूद दबाव देखने को मिला। बाजार में अलग-अलग कंपनियों के शेयरों की चाल उनके नतीजों, भविष्य की संभावनाओं और निवेशकों की उम्मीदों के आधार पर अलग-अलग रही।

विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में बेचे 5,268 करोड़ रुपए के शेयर

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) की बिकवाली भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बीते 7 दिनों में विदेशी निवेशकों ने 5,268 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। बीते 30 दिनों में उनकी शुद्ध बिकवाली 86,313 करोड़ रुपए रही।

इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बीते 7 दिनों में 2,859 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। बीते 30 दिनों में उनकी शुद्ध खरीदारी 88,384 करोड़ रुपए रही। ताजा उपलब्ध आंकड़ों में विदेशी निवेशकों ने 1,149 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,201 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की।

एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार

बुधवार को एशियाई बाजारों में अलग-अलग रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 210 अंक यानी 3.74% चढ़कर 5,762 पर पहुंचा। जापान का निक्केई 748 अंक यानी 1.17% की बढ़त के साथ 64,824 पर रहा। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग 48 अंक यानी 0.20% गिरकर 23,820 पर कारोबार करता दिखा।

अमेरिकी बाजार में भी 20 अक्टूबर को मिला-जुला कारोबार रहा। डाउ जोन्स 530 अंक यानी 1.02% की तेजी के साथ 52,496 पर बंद हुआ। S&P 500 में 22 अंक यानी 0.28% की बढ़त रही और यह 7,713 पर पहुंचा। वहीं, नैस्डैक 6 अंक यानी 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 26,425 पर रहा।

19 अक्टूबर को भी गिरावट के साथ बंद हुआ था बाजार

इससे पहले सोमवार, 19 अक्टूबर को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 876 अंक टूटकर 73,853 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 257 अंक गिरकर 22,889 पर आ गया था। मंगलवार, 20 अक्टूबर को दशहरे के कारण घरेलू शेयर बाजार बंद रहा। बुधवार को कारोबार दोबारा शुरू होने के बाद शुरुआती तेजी के बावजूद बाजार में बिकवाली बढ़ गई।

अब बाजार में किन स्तरों पर रखें नजर?

तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,750–22,800 का दायरा अहम है। इसके नीचे कमजोरी बढ़ने पर 22,600–22,500 के स्तरों पर नजर रखी जा सकती है। ऊपर की ओर 23,000–23,100 का क्षेत्र महत्वपूर्ण बाधा माना जा रहा है।

बाजार की आगे की चाल कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों के रुख और कंपनियों के तिमाही नतीजों से प्रभावित हो सकती है। ये स्तर विश्लेषकों के तकनीकी आकलन हैं, निश्चित भविष्यवाणी नहीं।