राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा जिले में स्वामित्व अधिकार अभिलेख हस्तांतरण योजना के तहत ग्रामीणों को उनकी भूमि के मालिकाना हक का बड़ा तोहफा दिया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 के 10 चयनित हितग्राहियों को विधिवत रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र वितरित किए।
ग्राम गोंदागांव के निर्भयदास और भैयालाल को मिला प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्राम गोंदागांव निवासी श्री निर्भयदास और श्री भैयालाल को अपने हाथों से रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र सौंपे। इनके अलावा 8 अन्य पात्र हितग्राहियों को भी उनकी भूमि का स्वामित्व प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। रजिस्ट्री मिलने के बाद हितग्राहियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अपनी भूमि का कानूनी रूप से मालिकाना हक मिलने के बाद अब उन्हें बैंक से आसानी से लोन (ऋण) मिल सकेगा और वे अपनी संपत्ति का सुरक्षित इस्तेमाल कर पाएंगे।
स्वामित्व योजना से ग्रामीणों का आर्थिक सशक्तिकरण
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- कानूनी सुरक्षा और आर्थिक मजबूती: स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को न केवल अपनी जमीन की कानूनी सुरक्षा मिल रही है, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रहे हैं। संपत्ति का मूल्य और निर्भय निर्माण: रजिस्ट्री मिलने से संपत्ति का बाजार मूल्य बढ़ेगा और हितग्राही सरकारी योजनाओं का सहजता से लाभ उठा सकेंगे। अब ग्रामीण बिना किसी भय के अपनी भूमि पर निर्माण या अन्य व्यावसायिक कार्य कर सकेंगे। प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि राज्य के प्रत्येक पात्र ग्रामीण को उसकी भूमि का वास्तविक अधिकार मिले।
भू-स्वामित्व रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भू-स्वामित्व के तहत रजिस्ट्री निष्पादन के कार्य में और तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्री का निष्पादन अधिकार अभिलेख में दर्ज जानकारी के आधार पर ही किया जाएगा। साथ ही उन्होंने शासकीय अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में निष्पादन अधिकारी घोषित कर्मचारियों के विरुद्ध नियम सम्मत शासकीय कार्य निष्पादन पर कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं होगी।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

