Bihar News: सीएम सम्राट चौधरी ने आज रविवार (1, नवंबर) को पाटलिपुत्र खेल परिसर, पटना में आयोजित 52वीं राष्ट्रीय जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता 2026 का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। राष्ट्रीय जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता-2026 का आयोजन 1 से 4 नवंबर तक किया गया है। इस अवसर पर सीएम सम्राट ने प्रतियोगिता में भाग लेने बिहार आए विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों एवं उनके अभिभावकों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों से मुलाकात की, उनका परिचय जाना और उन्हें सफल होने की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की धरती पर राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता का आयोजन हम सभी के लिए गौरव का क्षण है। देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का बिहार में हार्दिक स्वागत है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम है। ऐसी प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, कबड्डी भारत की पारंपरिक और लोकप्रिय खेल विधाओं में से एक है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ी पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी कबड्डी सहित विभिन्न खेलों में बड़ी संख्या में पदक हासिल करते हैं। बिहार के खिलाड़ियों को भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अधिक से अधिक पदक जीतने का लक्ष्य रखना चाहिए।

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पाटलिपुत्र की यह ऐतिहासिक धरती लगभग दो हजार वर्ष पूर्व भी गौरवशाली रही है। बिहार की ऐतिहासिक विरासत और गौरव को फिर से स्थापित करने के लिए हमें मिलकर काम करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि बिहार में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। बिहार में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बिहार के खिलाड़ी भी विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। बिहार बदल रहा है। बिहार भारत के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतियोगिता में भाग लेने आए विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाए। राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से उन्हें परिचित कराया जाय। उन्होंने कहा कि यहां आने वाली सभी टीमें बिहार की ब्रांड एंबेसडर हैं। वे यहां से अपने साथ बिहार की सकारात्मक छवि और यहां के आतिथ्य का अनुभव लेकर जाएं। बिहार में खेलों के विकास के लिए खेल अवसंरचनायें विकसित की जा रही हैं। 20 नये खेल कॉम्प्लेक्स बनाये जा रहे हैं, इससे राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी और बिहार राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से खेल भावना, अनुशासन और समर्पण के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए प्रतियोगिता की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

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