Bihar News: सीएम सम्राट चौधरी ने आज रविवार (1, नवंबर) को गोला रोड (रंजन पथ) स्थित ज्ञान निकेतन स्कूल परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0’ का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति से जुड़े लोगों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी स्व० आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट ने कहा कि, लोकतंत्र की नींव बिहार की धरती से पड़ी है। वर्ष 1947 में स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संघर्ष से देश आजाद हुआ। आजादी के 80 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हमें लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ निरंतर काम कर रहे हैं। वहीं, पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने बिहार को समृद्ध और विकसित बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। युवा पीढ़ी देश के भविष्य हैं। लोकतंत्र को मजबूत बनाने, देश की सभ्यता एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने तथा भारत को सशक्त राष्ट्र बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
सीएम सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि वर्ष 1974 के आंदोलन में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई थी। आज का दौर जेन-जी और जेन अल्फा का है। युवा पीढ़ी को लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम करना होगा। पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद जैसे आयोजन युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता मालिक होती है और लोकतंत्र लोकलाज से चलता है। जनता की आवाज और उनकी अपेक्षाओं को समझना सरकार की जिम्मेदारी है। जनता ने हमें काम करने का अवसर दिया है, इसका अर्थ यह नहीं कि हम स्वयं को भाग्य विधाता समझने लगें। जनहित में लिए गए निर्णयों और बनाए गए कानूनों की भी समय-समय पर समीक्षा करनी पड़ती है। जरूरत पड़ने पर उन्हें वापस भी लेना पड़ता है। सरकार जनता के द्वारा चुनी जाती है और जनता के हित में ही काम करती है। सफल वही होते हैं, जो जनता और विशेषकर युवा पीढ़ी की उम्मीदों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाते हैं और निर्णय लेते हैं।
सीएम सम्राट ने कहा कि, बिहार में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना संचालित की जा रही है। इसके माध्यम से मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित अन्य उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को चार लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 18000 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। बिहार में विश्वविद्यालय खोलने के लिए भी लोगों को आमंत्रित किया गया है। राज्य में ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि यहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में 700 मॉडल स्कूल सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में स्थापित किए गए हैं, जहां लगभग 3.5 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इन विद्यार्थियों को विद्यार्थी साथी ऐप की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान किसी विषय में शिक्षक की आवश्यकता होने पर रात एक बजे भी एक मिनट के अंदर शिक्षक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है और उनकी शैक्षणिक समस्याओं का समाधान किया जाता है। शिक्षा और ज्ञान अर्जन के माध्यम से ही हम आगे बढ़ सकते हैं।
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