अमित पाण्डेय, डोंगरगढ़। मजदूरों के नाम पर मस्टर रोल तैयार हुआ और मौके पर काम जेसीबी से कराया गया। ग्राम पंचायत बोरतलाव में वीबी-जी राम जी योजना के काम को लेकर सामने आई शिकायत ने पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता विलास जाम्बूलकर ने आरोप लगाया है कि मजदूरों से कराया जाने वाला काम मशीन से कराया गया। शिकायत के बाद जनपद पंचायत डोंगरगढ़ ने जांच के आदेश जारी कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।

जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 6 अक्टूबर 2026 को जांच टीम गठित की। टीम को 7 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे बोरतलाव पहुंचकर ग्राम पंचायत भवन और संबंधित कार्यस्थलों का निरीक्षण करना है। सरपंच और सचिव को संबंधित दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

जाम्बूलकर ने 4 अक्टूबर को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि तालाब गहरीकरण का काम मजदूरों से कराया जाना था, लेकिन मौके पर जेसीबी चला दी गई। शिकायत के मुताबिक, मामला सामने आने के बाद मजदूरों का भुगतान रोक दिया गया था। शिकायतकर्ता का सवाल है कि यदि मशीन से काम कराया जाना नियमों के खिलाफ था तो जिम्मेदार सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

शिकायत की जांच में होगा खुलासा

शिकायत यहीं खत्म नहीं होती। जाम्बूलकर ने मुक्तिधाम निर्माण और शौचालय निर्माण की नींव खुदाई में भी जेसीबी इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है। आवेदन में तकनीकी सहायक द्वारा मशीन के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने का भी उल्लेख है। इन दावों की पुष्टि अब मौके के निरीक्षण और सरकारी रिकॉर्ड की जांच से होगी। पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी मस्टर रोल है। जांच में यह पता लगाना होगा कि मस्टर रोल में जिन मजदूरों के नाम दर्ज हैं, उन्होंने वास्तव में काम किया था या नहीं। अगर मौके पर जेसीबी से काम हुआ और रिकॉर्ड में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज मिली तो सवाल सिर्फ मशीन के इस्तेमाल का नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड और मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आएगी। इसके लिए जांच टीम को मस्टर रोल के साथ मजदूरों की उपस्थिति, भुगतान रिकॉर्ड, कार्य की माप और तकनीकी दस्तावेजों का मौके पर हुए काम से मिलान करना होगा। यही जांच शिकायत में लगाए गए आरोपों की असली तस्वीर सामने ला सकती है।

15वें वित्त की राशि में भी कथित अनियमितता का आरोप

शिकायतकर्ता ने 15वें वित्त की राशि में भी कथित अनियमितता का आरोप लगाया है। एक तालाब को मछली पालन के लिए लीज पर दिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा जेसीबी से जुड़े मामले की रिपोर्टिंग करने पहुंचे पत्रकारों को कथित तौर पर धमकाने का आरोप भी शिकायत में है। आवेदन में एसडीओपी पुलिस के समक्ष शिकायत किए जाने का उल्लेख किया गया है।

तीन दिन के भीतर मांगी जांच रिपोर्ट

मामले की जांच सी. कपूर, धनेश्वर साहू और विनोद बंधे को सौंपी गई है। टीम को तीन दिन के भीतर बिंदुवार रिपोर्ट देनी है। अब सबसे ज्यादा नजर इसी रिपोर्ट पर है कि बोरतलाव में योजना का काम वास्तव में मजदूरों ने किया या मशीन से कराया गया? अगर जेसीबी से काम और मजदूरों के नाम पर मस्टर रोल का आरोप सही पाया गया तो यह सिर्फ नियमों की अनदेखी का मामला नहीं रहेगा। सरकारी रिकॉर्ड, भुगतान और जिम्मेदारों की भूमिका पर भी सवाल तय होंगे।

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