दिल्ली में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली को लेकर उत्तराखंड में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. हरीश रावत ने इसे परिवर्तनकारी बताया है, जबकि प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने करीब 25 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया है.

देहरादून. कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित की जाएगी. इस रैली में उत्तराखंड से करीब 25 हजार लोगों के शामिल होने का दावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने किया है. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे देश की राजनीति में बदलाव लाने वाली रैली बताया है.

उत्तराखंड कांग्रेस ने महारैली को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के दिल्ली पहुंचने की तैयारी है.

रैली को बताया परिवर्तनकारी

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि दिल्ली में होने वाली महारैली का असर देश की राजनीति पर दिखाई देगा. उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन में शामिल होना चाहते हैं और दिल्ली पहुंचेंगे.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आह्वान और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व को सुनने के लिए देशभर के लोग उत्साहित हैं. रैली में इंडिया गठबंधन के सभी नेता एक साथ अपनी बात रखेंगे.

लोकतंत्र और अधिकारों का मुद्दा

हरीश रावत ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र और मताधिकार पर खतरा मंडरा रहा है. उन्होंने कहा कि रोजगार पाने का अधिकार और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार भी प्रभावित हो रहा है.

पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, इन अधिकारों की रक्षा के लिए महारैली में संकल्प लिया जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन देश में बड़े राजनीतिक बदलाव का आधार बनेगा.

उत्तराखंड से 25 हजार लोग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि महारैली में शामिल होने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से लगभग 25 हजार लोग दिल्ली पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों में भी रैली को लेकर उत्साह है.

गोदियाल ने आरोप लगाया कि लोग भाजपा की कथनी और करनी के अंतर को समझने लगे हैं. उन्होंने कहा कि मीठी बातें और मन की बात के जरिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है तथा सरकार आम लोगों के हितों की अनदेखी कर रही है.

प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि राहुल गांधी के आह्वान पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की यह महारैली सफल होगी.