शिवा यादव, सुकमा। आंध्रप्रदेश की पोलावरम बहुउद्देशीय परियोजना के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी सुकमा एवं प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम कलेक्टर सुकमा को ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष जनक ध्रुव के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष हरीश लखमा कवासी, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, राष्ट्रीय महिला कांग्रेस सचिव तूलिका कर्मा, आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष वेको हुंगा, ब्लॉक अध्यक्ष कोंटा शेख नूरा अली सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।
ज्ञापन में कहा गया है कि पोलावरम बांध के बैक वाटर से सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा के सैकड़ों आदिवासी गांव डूब में आ जाएंगे। हजारों एकड़ कृषि भूमि, घर, वन भूमि और आदिवासियों की संस्कृति जलमग्न हो जाएगी, जो PESA कानून और वन अधिकार अधिनियम का खुला उल्लंघन है।

कांग्रेस की 7 प्रमुख मांगें
- पोलावरम से होने वाले डूब क्षेत्र का पुनः सर्वे कराया जाए।
- प्रभावित परिवारों के ठोस पुनर्वास-मुआवजे तक बांध निर्माण तत्काल रोका जाए।
- केंद्र सरकार हस्तक्षेप कर छत्तीसगढ़ के आदिवासी हितों की रक्षा करे।
- नवीन वन अधिकार पट्टा प्रदाय किया जाए।
- जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की जाए।
- बेरोजगारों को स्थानीय भर्ती में प्राथमिकता और बेरोजगारी भत्ता दिया जाए।
- स्मार्ट मीटर हटाकर हर गांव तक बिजली व्यवस्था पहुंचाई जाए।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर मांगे नहीं मानी गई तो आदिवासी कांग्रेस पूरे बस्तर में उग्र आंदोलन करेगी।
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