रोहित कश्यप, मुंगेली। राजनीति में संदेश देने के अपने-अपने अंदाज होते हैं। कहीं मंच से भाषण के जरिए बात रखी जाती है, तो कहीं पोस्टर, बैनर और प्रचार सामग्री के माध्यम से अभियान को पहचान दी जाती है। मुंगेली में कांग्रेस की जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रचार का एक ऐसा ही दिलचस्प अंदाज देखने को मिला, जहां ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान का संदेश सिर्फ मंच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वल्पाहार के पैकेट तक पहुंच गया।

दरअसल, रेस्ट हाउस मुंगेली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों, कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को स्वल्पाहार के पैकेट वितरित किए गए। इन पैकेटों के डिब्बों के ढक्कन पर लगे रैपर में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान का नाम और कांग्रेस नेताओं की तस्वीरें नजर आईं। इस छोटी-सी लेकिन अलग पहल ने कार्यक्रम को एक अतिरिक्त पहचान दे दी।

स्वल्पाहार के साथ अभियान का संदेश भी

आमतौर पर किसी राजनीतिक कार्यक्रम में बैनर, पोस्टर और मंच की सजावट पर विशेष ध्यान दिया जाता है, लेकिन यहां स्वल्पाहार के पैकेट पर भी अभियान की झलक दिखाई दी। इसे अभियान के संदेश को कार्यक्रम से जुड़ी सामग्री के माध्यम से सामने लाने की एक रचनात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मतदाता सूची की शुद्धता, चुनावी पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही जैसे मुद्दे उठाए गए। ऐसे में स्वल्पाहार के डिब्बों पर अभियान का नाम और नेताओं की तस्वीरें नजर आना भी कार्यक्रम की थीम के अनुरूप एक अलग अंदाज रहा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एआईसीसी पर्यवेक्षक शरद अहेर, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व वन मंत्री मोहम्मद अकबर, पीसीसी पर्यवेक्षक हितेंद्र ठाकुर और जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम वर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

मतदाता सूची में गड़बड़ियों के आरोप, पारदर्शी जांच की मांग

एआईसीसी पर्यवेक्षक शरद अहेर ने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता, मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग की जवाबदेही जैसे विषयों को अभियान के माध्यम से प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनावी अनियमितताओं से जुड़े सवाल केवल विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़े हैं।

कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा सहित विभिन्न क्षेत्रों की मतदाता सूचियों को लेकर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। पार्टी ने महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में वृद्धि, कर्नाटक के महादेवपुरा क्षेत्र में कथित दोहरे पंजीकरण और संदिग्ध प्रविष्टियों तथा आलंद में मतदाताओं के नाम हटाने के कथित प्रयासों का हवाला देते हुए पारदर्शी जांच की आवश्यकता जताई।

डिजिटल आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग, आयोग की जवाबदेही पर भी सवाल

जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने से संबंधित विस्तृत डिजिटल आंकड़े सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि राजनीतिक दलों को सत्यापन योग्य रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, प्रभावित मतदाताओं को अपनी आपत्ति दर्ज कराने, अपील करने और त्रुटियों में सुधार का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची में गंभीर विसंगतियों की आशंका सामने आती है, तो उनकी स्वतंत्र और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया और निर्वाचन आयुक्तों को प्राप्त कानूनी संरक्षण को लेकर भी सवाल उठाए।

उनके मुताबिक, निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निर्णयों में जवाबदेही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची केवल प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि नागरिकों के मताधिकार का आधार है। ऐसे में किसी पात्र मतदाता का नाम छूटना या गलत तरीके से हटाया जाना गंभीर विषय है, जिस पर समय रहते कार्रवाई होनी चाहिए।

विधायक देवेंद्र यादव ने लोकतंत्र बचाने की मुहिम में भागीदारी का किया आह्वान

भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने लोकतंत्र बचाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में बड़ी संख्या में लोगों से भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता और मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जागरूकता पैदा की जा सके।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अभियान के तहत जिला स्तर पर मतदाता सूची में संभावित विसंगतियों की पहचान, प्रभावित नागरिकों के मामलों का दस्तावेजीकरण और मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। पार्टी की प्रमुख मांगों में एसआईआर प्रक्रिया पर पुनर्विचार, कथित अनियमितताओं की जांच और मतदाता सूची से हटाए गए नामों के संबंध में पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करना शामिल है।

मतदाता का अधिकार सुरक्षित रखना लोकतंत्र की कसौटी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि चुनाव की निष्पक्षता केवल मतदान के दिन तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसकी शुरुआत सही और पारदर्शी मतदाता सूची से होती है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची से गायब है या नाम जोड़ने-काटने की प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं, तो उसका समाधान पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से होना चाहिए।

कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने और उठाए गए सवालों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदान अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। इसके लिए पारदर्शिता, निष्पक्षता, जवाबदेही और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद

जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में थानेश्वर साहू, संजीत बनर्जी, चंद्रभान बारमते, चुरावन मंगेश्कर, हेमेन्द्र गोस्वामी, रोहित शुक्ला, दिलीप बंजारा, लक्ष्मीकांत भास्कर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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