Lifestyle Desk : आजकल शरीर को फिट रखने, मांसपेशियां मजबूत बनाने और वजन घटाने के लिए प्रोटीन से भरपूर चीजें खाने का चलन बढ़ गया है। कई लोग अपनी दिनचर्या में अंडे, पनीर, दाल, सोयाबीन और दूध जैसी चीजें शामिल कर रहे हैं, तो कुछ लोग प्रोटीन पाउडर और अन्य सप्लीमेंट का भी इस्तेमाल करते हैं। प्रोटीन शरीर के विकास और मांसपेशियों की मरम्मत के लिए जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा सेवन पेट की सेहत पर असर डाल सकता है। खासकर तब, जब खानपान में फाइबर, पानी और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ज्यादा प्रोटीन खाने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं और इससे बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

ज्यादा प्रोटीन खाने से पेट में क्यों होती है परेशानी?

प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन हर व्यक्ति की जरूरत एक जैसी नहीं होती। यह उसकी उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। जब कोई व्यक्ति अपनी जरूरत से अधिक प्रोटीन लेने लगता है और भोजन में दूसरे पोषक तत्वों को पर्याप्त जगह नहीं देता, तो पाचन से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।

उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के चक्कर में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर वाली चीजें कम खाने लगे, तो उसे कब्ज की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा, कुछ लोगों को पेट फूलने, गैस बनने या पेट में भारीपन महसूस होने की समस्या भी हो सकती है। हालांकि, ये परेशानियां केवल प्रोटीन की अधिक मात्रा से ही नहीं, बल्कि उसके स्रोत, खाने के तरीके और पूरी दिनचर्या से भी जुड़ी हो सकती हैं।

इन पाचन समस्याओं का करना पड़ सकता है सामना

कब्ज की समस्या
प्रोटीन से भरपूर कई खाद्य पदार्थों में फाइबर बहुत कम या बिल्कुल नहीं होता। अगर भोजन में दालों, फलों, सब्जियों और साबुत अनाज की मात्रा कम हो जाए, तो मल त्याग में परेशानी हो सकती है। पर्याप्त पानी नहीं पीने से भी कब्ज बढ़ सकती है।

गैस और पेट फूलना
दूध या दूध से बने प्रोटीन उत्पाद कुछ लोगों में गैस और पेट फूलने की वजह बन सकते हैं। जिन लोगों को लैक्टोज पचाने में परेशानी होती है, उन्हें दूध आधारित प्रोटीन पेय लेने के बाद दस्त, पेट दर्द या पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

पेट में भारीपन
एक ही बार में बहुत अधिक मात्रा में भोजन या प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से कुछ लोगों को पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। इससे असहजता और अपच जैसी शिकायतें हो सकती हैं।

दस्त या पेट में ऐंठन
कुछ प्रोटीन पाउडर में मौजूद मिठास बढ़ाने वाले पदार्थ, लैक्टोज या अन्य मिलाए गए तत्व संवेदनशील लोगों में दस्त और पेट में ऐंठन पैदा कर सकते हैं। इसलिए किसी सप्लीमेंट को लेने के बाद बार-बार परेशानी होने पर उसके घटकों पर ध्यान देना जरूरी है।

एक दिन में कितना प्रोटीन लेना चाहिए?

स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रोटीन की सामान्य जरूरत लगभग 0.8 ग्राम प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के आसपास मानी जाती है। उदाहरण के लिए, 60 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति को सामान्य परिस्थितियों में प्रतिदिन करीब 48 ग्राम प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। हालांकि, यह मात्रा हर व्यक्ति के लिए एक जैसी नहीं होती। नियमित व्यायाम करने वाले लोगों, खिलाड़ियों, बुजुर्गों और कुछ स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों की जरूरत अलग हो सकती है।

इसलिए केवल मांसपेशियां बनाने या वजन घटाने के उद्देश्य से बिना सलाह के प्रोटीन पाउडर की मात्रा बढ़ाना सही नहीं है। खासकर किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को प्रोटीन की मात्रा तय करने से पहले डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

पेट को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये तरीके

प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए केवल सप्लीमेंट पर निर्भर रहने के बजाय दाल, चना, राजमा, दूध, दही, पनीर, अंडे और अन्य उपयुक्त खाद्य पदार्थों को संतुलित भोजन में शामिल करें। साथ ही, फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज खाएं, ताकि शरीर को पर्याप्त फाइबर मिल सके। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और प्रोटीन को एक ही बार में लेने के बजाय दिन के अलग-अलग भोजन में बांटकर लें।

अगर प्रोटीन से भरपूर कोई खास चीज खाने के बाद बार-बार पेट में दर्द, गैस या दस्त की शिकायत होती है, तो उसके सेवन पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें। लगातार कब्ज, मल में खून, तेज पेट दर्द या बिना वजह वजन कम होने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।