टुकेश्वर लोधी, आरंग। नगर पालिका परिषद आरंग के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 6 में स्वीकृत बस स्टैंड का निर्माण कार्य रोकने और इसे बैहार (वार्ड क्रमांक 16 एवं 17) की चारागाह भूमि पर शिफ्ट करने के प्रस्ताव को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। वार्डवासियों, सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के लगातार चौतरफा विरोध के बावजूद बस स्टैंड को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की प्रशासनिक प्रक्रिया चलाई जा रही है।

इसी स्थानांतरण प्रक्रिया और भूमि आवंटन के विरोध में स्थानीय निवासियों, पशुपालकों एवं जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर अनुविभागीय अधिकारी (SDM) और तहसीलदार आरंग को ज्ञापन सौंपा है तथा इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

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5 जून की सामान्य सभा बैठक में हुआ था अभूतपूर्व हंगामा

उल्लेखनीय है कि बीते 05 जून 2026 को “विश्व पर्यावरण दिवस” के उपलक्ष्य में आयोजित आरंग नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा की बैठक में बस स्टैंड निर्माण कार्य को एजेंडे में शामिल करने की मांग को लेकर भारी हंगामा हुआ था।

बैठक के दौरान सत्ता पक्ष (भाजपा) और विपक्ष (कांग्रेस व शिवसेना) के पार्षदों ने एकजुट होकर नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन की घेराबंदी कर दी थी। भाजपा पार्षदों ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली से नाराज होकर जनहित के मुद्दे पर विपक्ष के सुर में सुर मिलाया। तीखे सवालों और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अध्यक्ष यह कहकर टालने का प्रयास करते रहे कि “विषय से अलग बात न करें और गरिमा बनाए रखें”, किंतु पार्षदों के आक्रोश के आगे वे पूरी तरह निरुत्तर नजर आए।

जनहित को देखते हुए अब भाजपा और शिवसेना के पार्षद भी बस स्टैंड को यथावत (वार्ड 6 में) रखने और वहीं निर्माण कार्य शुरू कराने पर सहमति जता रहे हैं।

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विरोध के बावजूद स्थान परिवर्तन (शिफ्टिंग) की प्रक्रिया जारी

स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों की भारी असहमति के बाद भी नगर पालिका प्रशासन द्वारा बैहार स्थित चरागाह भूमि (खसरा नंबर 272, रकबा 9.266 हेक्टेयर) पर बस स्टैंड शिफ्ट करने के लिए मद परिवर्तन व आवंटन का इश्तिहार जारी कर दिया गया है।

ऐतिहासिक रिकॉर्ड का हवाला

प्रतिनिधियों ने बताया कि 1928-29 के राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि क्षेत्र के 42 संपन्न कृषकों द्वारा मवेशियों के चरने के लिए छोड़ी गई थी, जहां वर्तमान में भी गौठान संचालित है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में यह निजी स्वामियों के नाम दर्ज है।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर संकट

प्रस्तावित स्थल के पास ‘स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय’ का नया भवन बना है, जिससे बस स्टैंड बनने पर बच्चों के आवागमन व सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

गुपचुप तरीके के चल रहा खेल, इश्तहार प्रकाशन नहीं होने पर जताई थी आपत्ति: शिवसेना

शिवसेना रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष और आरंग नगर पालिका परिषद में पार्षद प्रतिनिधि राकेश शर्मा ने इस पूरे मामले में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है क्योंकि पहले समाचार पत्र में बिना इश्तहार प्रकाशन के दावा आपत्ति मांगी जा रही थी जिसकी जानकारी किसी को नहीं थी,जैसे ही इसकी जानकारी मुझे मिली मैने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई और तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा हूं जिसके बाद दूसरा इश्तहार प्रकाशन के लिए जारी किया गया जो समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ है। प्रशासन द्वारा जनहित को नजरअंदाज करते हुए दबावपूर्ण कार्य करना समझ से परे है।आखिर अधिकारी किनके दबाव में ऐसा कर रहे है इसकी भी जांच होनी चाहिए।उन्होंने बताया कि आरंग बस स्टैंड के स्थानांतरण को लेकर शिवसेना शुरू से इसके विरोध में है और रहेगी,उन्होंने कई बार शासन प्रशासन को अवगत कराया है कि बस स्टैंड के स्थानांतरण होने से नगर का व्यवसाय बर्बाद हो जाएगा और लोगों को बस स्टैंड तक जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।उसके बाद भी अगर बस स्टैंड दूसरे स्थान पर जाता है तो शिवसेना उग्र आंदोलन करेगी।

₹6.69 करोड़ का प्रोजेक्ट और भ्रष्टाचार के आरोप

वर्ष 2023 में आरंग के वार्ड क्रमांक 6 स्थित पुराने बस स्टैंड के कायाकल्प और सर्वसुविधायुक्त व्यावसायिक परिसर निर्माण के लिए ₹6 करोड़ 69 लाख का वर्क ऑर्डर जारी किया गया था। आरोप है कि तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ, फिर भी ठेकेदार को ₹35 लाख 82 हजार का भुगतान कर दिया गया।

कांग्रेस पार्षदों और नेता प्रतिपक्ष शरद गुप्ता ने बिना काम के भुगतान को बड़ा घोटाला बताते हुए प्रशासन से मामले की जांच करने की मांग की है।”

वार्डवासियों और जनप्रतिनिधियों की प्रमुख मांगें

खसरा नंबर 272/1 पर बस स्टैंड निर्माण के लिए जारी स्थान परिवर्तन (शिफ्टिंग) व भूमि आवंटन प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाए।

बैहार क्षेत्र के मवेशियों के लिए आरक्षित एकमात्र चरागाह भूमि को सुरक्षित रखा जाए तथा स्वीकृत स्थल पर ही निर्माण शुरू हो।

जानिए क्या बोले जिम्मेदार?

मामले में आरंग एसडीएम रवि सिंह ने कहा कि “वार्डवासियों और पार्षदों की आपत्ति प्राप्त हुई है। यह एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, इसलिए नियमों के तहत जो भी उचित होगा, वही कार्यवाही की जाएगी।

वहीं मुख्य नगर पालिका अधिकारी आरंग राम संजीवन सोनवानी का कहना है कि “परिषद द्वारा पूर्व में पारित निर्णय के परिपालन में जमीन आवंटन के संबंध में भू-आवंटन शाखा को आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद 1 तारीख को तहसील कोर्ट से उस आवंटन के परिप्रेक्ष्य में इश्तिहार का प्रकाशन हुआ है। यदि किसी भी आपत्तिकर्ता को कोई आपत्ति है, तो वे तहसील कोर्ट में इश्तिहार की अंतिम तिथि तक अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन सौंपने के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता मंगलमूर्ति अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष शरद गुप्ता, पार्षद खिलावन निषाद, ईश्वर पटेल, समीर गोरी, बैहार से मनमोहन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि यदि जनभावनाओं की उपेक्षा कर चरागाह की भूमि पर निर्माण का प्रयास किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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