सीजेपी आंदोलन से चर्चा में आईं यूट्यूबर निशु आजाद (Nishu Azad) और उनके पिता संजय आजाद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हिंदू देवी-देवताओं को लेकर कथित टिप्पणियों के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस से कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। अदालत में भगवान शिव, दुर्गा, सरस्वती और कृष्ण को लेकर की गई कथित टिप्पणियों के संबंध में FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से पूछा कि अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है और मामले की मौजूदा स्थिति क्या है। कोर्ट ने पुलिस को इस संबंध में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने दायर की याचिका
यह याचिका अधिवक्ता अमिता सचदेवा की ओर से दायर की गई है। इसमें संजय आजाद और उनकी बेटी निशु आजाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने हिंदू देवी-देवताओं को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। याचिकाकर्ता का दावा है कि इन टिप्पणियों से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सांप्रदायिक तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हुई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर अदालत आगे की कार्यवाही पर विचार करेगी।
अदालत ने पुलिस से पूछा- अब तक क्या एक्शन लिया?
पटियाला हाउस कोर्ट के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मृदुल गुप्ता ने हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने के आरोपों से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। अदालत ने पुलिस को मामले में अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (ATR) दाखिल करने का निर्देश दिया है। अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने अदालत से अनुरोध किया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 353 के तहत FIR दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं। याचिका में संजय आजाद और उनकी बेटी निशु आजाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। अमिता सचदेवा के मुताबिक, उन्होंने अदालत का रुख करने से पहले इस संबंध में दिल्ली पुलिस से भी शिकायत की थी। अब अदालत द्वारा मांगी गई कार्रवाई रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
देवी-देवताओं पर चार पोस्ट को लेकर शिकायत
अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने अपनी याचिका में चार सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र किया है। याचिका के अनुसार, ये पोस्ट सितंबर 2023 से अगस्त 2026 के बीच अपलोड किए गए थे। इनमें भगवान शिव, भगवान कृष्ण, देवी सरस्वती और देवी दुर्गा को लेकर कथित तौर पर टिप्पणियां की गई थीं। सचदेवा ने आरोप लगाया कि इन पोस्ट को जानबूझकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि पोस्ट हटाने की अपील किए जाने के बावजूद वे संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद रहे। मामले में अदालत ने दिल्ली पुलिस से अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। पुलिस की रिपोर्ट सामने आने के बाद अदालत आगे की प्रक्रिया पर विचार करेगी।
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