संवाद में भ्रष्टाचारः IAS राजेश टोप्पो समेत 3 के खिलाफ FIR, बजट से ज्यादा खर्च करने के है आरोप

रायपुर. भाजपा सरकार के दौरान सरकार के प्रचार प्रसार के नाम पर आर्थिक अनियमिताओं के आरोप सरकारी संस्था संवाद पर लगे थे इस मामले में अब नामजद एफआईआर कराई गई है.

आईएएस अधिकारी राजेश कुमार टोप्पो एवं अन्य के खिलाफ आईएएस ने दो अलग अलग मामलो में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा, 7C , 13 (A) के तहत मामला दर्ज किया है. सरकार की ओर से EOW के अधिकारी जीवन प्रकाश कुजूर ने यह एफआईआर दर्ज कराई गयी है.

 

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इस मामले में मेसर्स क्यूब मीडिया एन्ड ब्रांडिंग प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपी बनाया गया है. दोनों ही मामले वर्ष 2016 -17 और 2017 – 18 में वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े है. इसमें राजेश कुमार टोप्पो के अलावा मेसर्स मूविंग फिक्सल प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद को भी आरोपी बनाया गया है. इस मामले के पहले संवाद के उमेश मिश्रा, पंकज गुप्ता, हीरालाल देवांगन, जेएल दरिया की कमेटी ने प्रारंभिक जांच की थी. जांच रिपोर्ट ईओडब्ल्यू को भेजी गई. उसी रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है. अब तक इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. चर्चा है कि ईओडब्ल्यू केस से जुड़े अधिकारियों को नोटिस देकर बयान के लिए बुलाएगी.

लगातार विवादों में रहे है टोप्पो

राजेश टोप्पो वो आईएएस अधिकारी है जो अक्सर विवादों में रहे है. जनसंपर्क विभाग के तत्कालीन आयुक्त रहते हुए टोप्पो ने नियमों का जमकर मखौल उड़ाया. एक नौकरशाह होने के नाते उन्हें विमान के इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने की अनुमति है, लेकिन उन्होंने बिजनेस क्लास में सफर किया था, अपने गृह नगर रांची से दिल्ली तक की यात्रा भी सरकारी खर्चे पर की. बिजनेस क्लास में उनकी यात्रा पर सरकारी खजाने से 20 हजार 779 रुपए भुगतान किया गया. इसके अलावा दिल्ली की पांच सितारा होटल जेडब्ल्यू मैरियट में 20 हजार रोजाना के किराए पर रुकते थे. इसका भुगतान भी शासकीय खजाने से किया गया था. जबकि, एक आइएएस को 6 हजार रुपए तक प्रतिदिन किराया भुगतान की अनुमति होती है. इससे भी अधिक चौंकाने वाला सच यह है कि उन्होंने चंडीगढ़ शहर के अंदर घूमने के लिए 4 दिन में 73 हजार 626 रुपए खर्च कर डाले थे.

चुनाव आयोग ने हटाया था टोप्पो को

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होने थे, ऐसे में चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को जनसंपर्क आयुक्त राजेश टोप्पो को उनके पद से हटाने का आदेश दिया था. यह निर्णय चुनाव आयोग ने टोप्पो के एक कथित ऑडियो टेप को सुनने के बाद लिया था. इस टेप में टोप्पो एक पत्रकार से कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करने की बात कर रहे थे. इसके साथ ही वो इस काम के लिए कथित रूप से पैसों की पेशकश करते पकड़े गयी थी.

 

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