शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है। राजधानी भोपाल के भौंरी स्थित राष्ट्रीय नगरीय प्रबंधन संस्थान में आयोजित एक बैठक के दौरान अपर प्रमुख सचिव (APS) संजय दुबे ने खुद निकायों में चल रहे भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने खुलासा किया है कि नगरीय निकायों में नियमों को ताक पर रखकर बाजार मूल्य से तीन गुना तक अधिक कीमतों पर सामानों की खरीदी की गई है।

खरीदी में बड़े फर्जीवाड़े के खुलासे

बैठक के दौरान अपर प्रमुख सचिव संजय दुबे ने जिन मामलों का पर्दाफाश किया, वे हैरान करने वाले हैं। जहां एक नगरीय निकाय में कचरा गाड़ी 2 लाख रुपये में खरीदी गई, वहीं दूसरे निकाय में उसी गाड़ी के लिए 6 लाख रुपये तक चुकाए गए।भ्रष्टाचार की बानगी देते हुए उन्होंने बताया कि महज 200 एलईडी लाइटें 60 लाख रुपये में खरीदी गईं, यानी एक लाइट की कीमत करीब 33,000 रुपये पड़ी, जो कि उसकी वास्तविक कीमत से कई गुना ज्यादा है।

जरूरत से ज्यादा वाहन और कागजों पर संचालन: निकायों में नियमों के विरुद्ध जरूरत से कहीं अधिक गाड़ियां खरीद ली गईं। कई जगह तो हालात यह हैं कि संबंधित निकायों में जितने वार्ड नहीं हैं, उससे ज्यादा गाड़ियां कागजों पर खरीद ली गईं और यह तक पता नहीं है कि वे गाड़ियां असल में कहां चल रही हैं।

“ऐसा बिल्कुल मत समझें कि गड़बड़ी की जानकारी नहीं है”

बैठक में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए अपर प्रमुख सचिव संजय दुबे ने दो टूक शब्दों में कहा कि कोई यह न समझे कि इन गड़बड़ियों की जानकारी शासन को नहीं है। भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के इन मामलों को बेहद गंभीरता से लिया गया है।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

शासन स्तर पर भ्रष्टाचार के इस खुलासे के बाद अब हड़कंप मच गया है। अपर प्रमुख सचिव ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस तरह की वित्तीय अनियमिताएं और मनमाने तरीके से सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लापरवाह और भ्रष्ट लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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