Business Desk – Crude Oil Price : कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को फिर तेज उछाल देखने को मिला। सुबह 6:10 बजे तक WTI क्रूड 103.282 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमत 108.495 डॉलर प्रति बैरल रही। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। तेल की कीमतों में तेजी का असर दुनिया के साथ भारत पर भी पड़ सकता है। हालांकि, आज देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।

एक महीने में करीब 25% महंगा हुआ कच्चा तेल
कच्चे तेल की कीमतों में पिछले कुछ समय से लगातार तेजी बनी हुई है। मई 2026 में ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था। इससे पहले 11 जुलाई 2008 को ब्रेंट 147 डॉलर प्रति बैरल का रिकॉर्ड स्तर छू चुका है।
अब अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल आया है। पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमत करीब 25% बढ़ चुकी है, जबकि सिर्फ एक सप्ताह में इसमें 13% से ज्यादा की तेजी आई है। अगर तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो तेल की कीमतें मई 2026 के स्तर को भी पार कर सकती हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव से क्यों बढ़ रहा तेल?
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। दोनों देशों की ओर से लगातार एक-दूसरे को चेतावनियां दी जा रही हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि ईरान के साथ तनाव उनके कार्यकाल के बचे हुए समय तक भी जारी रह सकता है। दोनों देशों के बीच तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका बड़ा हमला करता है तो वह खाड़ी देशों को निशाना बना सकता है। ईरान की ओर से ऐसी स्थिति के लिए तैयारी किए जाने की बात कही गई है। इससे बाजार में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है और कीमतों पर दबाव आया है।
भारत पर क्या असर होगा?
कच्चा तेल महंगा होने का सीधा असर भारत के आयात खर्च पर पड़ता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने पर देश का आयात बिल बढ़ सकता है।
अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो तेल कंपनियों पर भी लागत का दबाव बढ़ेगा। इसका असर आगे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर देखने को मिल सकता है। हालांकि, 11 सितंबर को देश में पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। पिछले महीने और सितंबर की शुरुआत से भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम
शहर | पेट्रोल | डीजल
नई दिल्ली | 102.12 | 95.20
कोलकाता | 113.51 | 99.82
मुंबई | 111.21 | 97.83
चेन्नई | 107.76 | 99.55
गुरुग्राम | 102.97 | 95.64
नोएडा | 101.77 | 95.26
सोर्स: गुडरिटर्न्स
आगे क्या हो सकता है?
अभी सबसे ज्यादा नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पर है। अगर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता है और तेल की सप्लाई प्रभावित होती है तो कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
भारत के लिए लंबे समय तक महंगा कच्चा तेल चिंता की बात होगी। इससे आयात बिल बढ़ने के साथ महंगाई पर भी दबाव आ सकता है। हालांकि पेट्रोल-डीजल की घरेलू कीमतों में कब बदलाव होगा, यह तेल कंपनियों के फैसले और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।



