Business Desk- Crude Oil Price Today : 5 अक्टूबर 2026 यानी सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिल रही है। सुबह 6:45 बजे Brent Crude 0.29% गिरकर 101.995 डॉलर प्रति बैरल और WTI Crude 0.72% गिरकर 90.461 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि, इस गिरावट के बावजूद तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

इस गिरावट के पीछे G7 देशों का बड़ा फैसला है। G7 ने पिछले सप्ताह ऐलान किया था कि अगले 4 महीनों में 100 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई की जाएगी। इसके अलावा फारस की खाड़ी समेत दूसरे वैकल्पिक रास्तों से भी तेल की सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। दूसरी ओर, ट्रेडर्स Middle East Risk का आकलन कर रहे हैं, क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव कभी भी कीमतों को फिर ऊपर ले जा सकता है।
आज कितने डॉलर पर पहुंचा Crude Oil?
सोमवार सुबह 6:45 बजे Brent Crude की कीमत 0.29% की गिरावट के साथ 101.995 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। वहीं WTI Crude 0.72% गिरकर 90.461 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
यानी दोनों प्रमुख Crude Oil Benchmarks में शुरुआती कारोबार में दबाव दिखाई दिया है। हालांकि, बाजार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है और आने वाले दिनों में Middle East से जुड़ी खबरें कीमतों की दिशा तय कर सकती हैं।
G7 का फैसला क्यों है अहम?
अमेरिका में तेल की बढ़ती कीमतों के बीच G7 देशों ने अगले 4 महीनों में 100 मिलियन बैरल तेल सप्लाई करने का ऐलान किया है। बाजार में अतिरिक्त सप्लाई आने की उम्मीद से कीमतों पर दबाव बना है।
इसके साथ ही OPEC ने अगले महीने तेल उत्पादन के कोटे में बदलाव नहीं करने पर सहमति जताई है। फारस की खाड़ी समेत अन्य वैकल्पिक मार्गों से सप्लाई सामान्य होने की खबर भी बाजार के लिए राहत देने वाली है।
Middle East Tension से फिर बढ़ सकता है भाव
फिलहाल कच्चे तेल में गिरावट जरूर है, लेकिन Middle East Tension बाजार की सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। ट्रेडर्स लगातार इस बात का आकलन कर रहे हैं कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव तेल की सप्लाई को कितना प्रभावित कर सकता है।
यमन में सऊदी समर्थित बलों ने हूतियों से इलाके वापस लेने के लिए सैन्य अभियान शुरू किए हैं। इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका है। वहीं अमेरिका ने भी पश्चिमी एशिया में सैनिकों की संख्या बढ़ाने के संकेत दिए हैं। ऐसे में अगर तनाव बढ़ता है तो Crude Oil Price में दोबारा तेजी आ सकती है।
भारत में Petrol-Diesel के दाम बदले?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारत में सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकारी Oil Marketing Companies ने पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे हैं।
भारत दुनिया के बड़े Oil Importer देशों में शामिल है। इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देश के लिए राहत लेकर आती है। लेकिन मौजूदा कीमतें अभी भी युद्ध से पहले के स्तर की तुलना में काफी ऊंची हैं।
ऊंचे Crude Oil Price के कारण भारतीय तेल मार्केटिंग कंपनियों को लंबे समय से नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद कंपनियां पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा नहीं रही हैं, ताकि महंगे तेल का सीधा बोझ आम लोगों पर न पड़े। यानी फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में राहत के संकेत जरूर हैं, लेकिन Middle East Risk के चलते Petrol-Diesel Price पर आगे भी नजर बनी रहेगी।

