BusinessDesk – Crude Oil Price Today : महीने के पहले दिन यानी 1 सितंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में Crude Oil Price में तेजी देखने को मिल रही है। मंगलवार सुबह 8:20 बजे तक WTI कच्चे तेल का भाव 1.13% की तेजी के साथ 86.733 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.88% बढ़कर 91.283 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

तेल की कीमतों में इस तेजी की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि अगर कच्चा तेल लगातार महंगा होता रहा तो क्या इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ेगा?
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी तेल बाजार की चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने लारक द्वीप पर दो ईरानी रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाया। इसके जवाब में तेहरान ने जॉर्डन और यूएई पर हमले किए हैं। इस घटनाक्रम से मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खारग द्वीप पर हमले की चेतावनी भी दे चुके हैं। खारग द्वीप ईरान के लिए महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई होने पर वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ सकती है और इससे Crude Oil Prices पर और दबाव बन सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी नजर
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य भी चर्चा में है। तनाव के बावजूद कुछ खाड़ी देश इस रास्ते से सीमित मात्रा में तेल का निर्यात कर रहे हैं। ईरान महत्वपूर्ण जलमार्गों पर अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहता है और इसके लिए उसने ओमान के साथ समझौता भी किया है। दूसरी तरफ अमेरिका इन जलमार्गों से जहाजों का बिना किसी शुल्क के आवागमन जारी रखना चाहता है।
पिछले कुछ दिनों से अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की बात कर रहा था। अब नए हमलों की शुरुआत के बाद मिडिल ईस्ट की स्थिति और संवेदनशील हो गई है। इस क्षेत्र में किसी बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ने पर दुनिया भर में Oil Supply को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
भारत में आज पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बदले
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद 1 सितंबर को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड लंबे समय तक महंगा रहता है तो इसका असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है।
अगर कच्चे तेल की कीमत दोबारा 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाती है और लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा होने की आशंका बढ़ सकती है। हालांकि घरेलू कीमतों पर सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्रूड ही नहीं, बल्कि टैक्स, रुपये की डॉलर के मुकाबले कीमत और तेल कंपनियों की लागत जैसे कई दूसरे कारकों का भी असर पड़ता है।
दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में आज का पेट्रोल-डीजल रेट
1 सितंबर को नई दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपए और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपए और डीजल 99.82 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपए और डीजल 97.83 रुपए प्रति लीटर है।
चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपए और डीजल 99.55 रुपए प्रति लीटर है। गुड़गांव में पेट्रोल 102.97 रुपए और डीजल 95.64 रुपए प्रति लीटर, जबकि नोएडा में पेट्रोल 101.96 रुपए और डीजल 95.44 रुपए प्रति लीटर है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं, लेकिन Crude Oil Market में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण बनी अनिश्चितता पर नजर रहेगी। अगर मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता है और तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। ऐसी स्थिति में भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बढ़ोतरी का दबाव बन सकता है।


