राकेश चतुर्वेदी, दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिला मुख्यालय पर उस समय माहौल गर्मा गया, जब भगवती मानव कल्याण संगठन के हजारों कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचे। कार्यकर्ताओं ने संत बाबा रामपाल के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने और समाज में शांति भंग करने का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक (एसपी) को एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मांग की है कि बाबा रामपाल के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और जेल भेजा जाए।

‘ज्ञान गंगा’ पुस्तक के माध्यम से भावनाओं को आहत करने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे संगठन के कार्यकर्ताओं ने बताया कि बाबा रामपाल एवं उनके शिष्यों द्वारा लगातार ‘ज्ञान गंगा’ नाम से एक पुस्तक समाज में निशुल्क वितरित की जा रही है। इस पुस्तक में हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक बातें लिखी गई हैं, जिससे देश और समाज के करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है। संगठन ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा।

पत्रकार पर दर्ज झूठी एफआईआर वापस लेने की मांग

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान संगठन और कार्यकर्ताओं ने एक अन्य मुद्दा उठाते हुए पत्रकार राघवेंद्र राठौर के खिलाफ उनके शिष्यों द्वारा दर्ज कराई गई कथित झूठी एफआईआर को तत्काल वापस लेने की भी मांग की। गौरतलब है कि पुलिस ने ‘ज्ञान गंगा’ पुस्तक का वितरण करने वाले चार लोगों के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अब संगठन के हजारों कार्यकर्ताओं के उतरने से यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 

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