हेमंत शर्मा, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) से जुड़ा फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। धार के शासकीय स्वशासी पीजी कॉलेज की एक छात्रा पर आरोप लगा है कि उसने फर्स्ट ईयर में सप्लीमेंट्री आने के बाद बिना परीक्षा पास किए ही कथित तौर पर एक फर्जी कंप्यूटराइज्ड मार्कशीट तैयार कर ली। इसी फर्जी दस्तावेज के दम पर छात्रा ने न केवल सेकंड ईयर में एडमिशन हासिल कर लिया, बल्कि अप्रैल 2026 में सेकंड ईयर की मुख्य परीक्षा भी दे दी।
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ऐसे बेनकाब हुआ फर्जी मार्कशीट का पूरा खेल
मामला तब तूल पकड़ा जब सेकंड ईयर की परीक्षा देने के बाद भी छात्रा का रिजल्ट जारी नहीं हुआ। रिजल्ट अटकने पर छात्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत सीधे CM हेल्पलाइन पर दर्ज करा दी। शिकायत मिलते ही जब DAVV प्रशासन ने छात्रा के शैक्षणिक रिकॉर्ड की गहराई से जांच की और ओरिजिनल रिकॉर्ड से प्रस्तुत मार्कशीट का मिलान किया, तो विश्वविद्यालय के अधिकारियों के होश उड़ गए। जांच में सामने आया कि छात्रा फर्स्ट ईयर के एक विषय में अनुत्तीर्ण थी और उसने फर्जी परिणाम वाली कंप्यूटराइज्ड मार्कशीट जमा कर दाखिला लिया था।
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DAVV अब दर्ज कराएगा FIR, पुलिस जांच की तैयारी
विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद DAVV प्रशासन अब छात्रा के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के तहत पुलिस में मामला दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। विश्वविद्यालय अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का विषय है कि यह फर्जी मार्कशीट किस स्तर पर और किसके द्वारा तैयार की गई थी। यदि जांच में जालसाजी पूरी तरह साबित होती है, तो छात्रा के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होना तय है।
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