हेमंत शर्मा, इंदौर। जैन मुनि सुधासागर जी के एक प्रवचन के दौरान वकीलों को लेकर की गई टिप्पणी अब कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच गई है। इंदौर की अदालत में इस मामले को लेकर परिवाद दायर किया गया है। कोर्ट ने मामले में प्रारंभिक कार्रवाई के बाद अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की है।

प्रवचन में वकीलों की कार्यप्रणाली पर उठाए थे सवाल

मामला इंदौर में हुए एक प्रवचन से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, प्रवचन के दौरान एक वकील की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुनि सुधासागर जी ने वकीलों के किसी समिति या कमेटी में शामिल होने को लेकर अपनी राय रखी थी। इस दौरान उन्होंने वकीलों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि वकील कई बार समस्याओं का समाधान कराने के बजाय मामलों को बहस और विवाद की दिशा में ले जाते हैं। उन्होंने कथित तौर पर वकीलों की मानसिकता को ‘विध्वंसक’ बताते हुए समाज में विवाद बढ़ने की बात कही थी।

अधिवक्ता ने अदालत में दायर किया परिवाद

इन टिप्पणियों को लेकर अधिवक्ता शैलेंद्र द्विवेदी की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। मामले में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी नीरज अग्रवाल की अदालत के समक्ष परिवादी के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद कोर्ट की ओर से एमजी रोड पुलिस को समन जारी किया गया।

अब 12 नवंबर को कोर्ट में होगी अगली सुनवाई

अदालत ने मामले में आगे की प्रक्रिया के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की है। इसी दिन मामले से जुड़ी अगली सुनवाई होगी। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। कोर्ट में दर्ज परिवाद और आगे होने वाली सुनवाई के आधार पर ही यह तय होगा कि मामले में आगे किस तरह की कार्रवाई होती है। एक प्रवचन में कही गई टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब अदालत की चौखट तक पहुंच चुका है। 12 नवंबर की सुनवाई पर इस मामले में अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की नजर रहेगी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m