जामताड़ा। जामताड़ा शहर के सरिता नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत के बाद मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। महिला की मौत से नाराज परिजन और ग्रामीण शव लेकर नर्सिंग होम पहुंचे और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
20 अगस्त को प्रसव के लिए हुई थी भर्ती
मृतका की पहचान भंडारो गांव निवासी सुनीता हेम्ब्रम के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, सुनीता को 20 अगस्त को प्रसव के लिए सरिता नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था।मृतका के पति मुकेश हेम्ब्रम का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन के साथ करीब 35 हजार रुपये में सिजेरियन डिलीवरी कराने की बात तय हुई थी।
इलाज के दौरान बिगड़ी महिला की हालत
परिजनों के मुताबिक, इलाज के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीण भी बड़ी संख्या में नर्सिंग होम पहुंच गए।
परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते सही उपचार मिलता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
नर्सिंग होम में ताला, प्रबंधन पर फरार होने का आरोप
घटना के बाद नर्सिंग होम में ताला लगा मिला। परिजनों का आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन मौके से चला गया। इसके बाद लोग शव लेकर अस्पताल के बाहर बैठ गए और कार्रवाई की मांग करने लगे।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने के साथ इलाज में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और प्रसूता की मौत के कारणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
फिलहाल मामले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इलाज में किसी तरह की लापरवाही बरती गई थी।


