शरद पाठक, छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा बच्चा की मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया, जिससे स्थिति इतनी बिगड़ गई कि परिजनों और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों के बीच झूमा-झटकी तक की नौबत आ गई।
3 दिन से थी भर्ती, नॉर्मल डिलीवरी का झांसा
मृतका के भाई धनराज प्रजापति ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि प्रसूता पिछले 3 दिनों से अस्पताल में भर्ती थी। इन तीन दिनों के दौरान महिला को लगातार गंभीर दर्द और तकलीफ हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद डॉक्टर लगातार नॉर्मल डिलीवरी होने का भरोसा देते रहे। आरोप है कि जब रात में महिला की हालत अत्यधिक नाजुक हो गई, तब आनन-फानन में उसे ऑपरेशन थिएटर (OT) ले जाया गया, जहाँ सर्जरी के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई।
शव लेने से इनकार, एफआईआर की मांग
घटना से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर लापरवाही का मामला दर्ज कर एफआईआर (FIR) करने की मांग पर अड़ गए। परिजनों ने जब तक कार्रवाई नहीं होती, तब तक शव लेने से साफ इनकार कर दिया। अस्पताल में भारी हंगामे और तनाव की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। कोतवाली नगर निरीक्षक (TI) आशीष सिंह धुर्वे ने पुलिस बल के साथ स्थिति को संभाला।
ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों से पूछताछ
पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले में उचित जांच कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई। फिलहाल, पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले को जांच में ले लिया है और अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड व ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों से पूछताछ की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद से जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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