पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन व विचारों को याद किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंत्योदय के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा रहा है.

लखनऊ. पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. 25 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके जीवन व विचारों को याद किया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था. वर्ष 1942 में वे आरएसएस के प्रचारक बने और अपना जीवन भारत के लिए समर्पित कर दिया.

जनसंघ में निभाई भूमिका

सीएम योगी ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. वर्ष 1967 में वे जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, जबकि 11 फरवरी 1968 को उनका निधन हुआ.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने देश को एकात्म मानव दर्शन दिया. उन्होंने इसे अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को स्वावलंबी बनाने की सोच से जोड़ा.

योजनाओं का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान अंत्योदय के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में काम हुआ है. उन्होंने बताया कि चार करोड़ लोगों को घर, 12 करोड़ लोगों को शौचालय, 10 करोड़ लोगों को उज्ज्वला गैस और साढ़े तीन करोड़ लोगों को बिजली कनेक्शन दिए गए हैं.

सीएम योगी के मुताबिक, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन भी उपलब्ध कराया गया. उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से 26 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं.

विचारों को बताया आदर्श

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपना पूरा जीवन भारत और भारतीयता के लिए समर्पित किया. उनके बीच नहीं होने के बावजूद उनकी प्रेरणा पूरे देश के लिए आदर्श बनी हुई है.

सीएम योगी ने यह भी कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कांग्रेस की तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार के खिलाफ विपक्षी एकता को मजबूत किया था. उन्होंने कहा कि उनका दर्शन आज भी देश के लिए आदर्श है.

इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए रवाना हुए.